बॉडी एंड सॉल

सांप के जहर को भी मार देती है सर्पगंधा औषधि, जानिए इसके अन्य चमत्कारिक फायदे

उच्च रक्तचाप और अनिद्रा में कारगर रहती है सर्पगंधा

less than 1 minute read
Oct 31, 2020
सांप के जहर को भी मार देती है सर्पगंधा औषधि, जानिए इसके अन्य चमत्कारिक फायदे,सांप के जहर को भी मार देती है सर्पगंधा औषधि, जानिए इसके अन्य चमत्कारिक फायदे,सांप के जहर को भी मार देती है सर्पगंधा औषधि, जानिए इसके अन्य चमत्कारिक फायदे

सर्पगंधा एक वनस्पति है इसका उपयोग औषधि के रूप में किया है। सर्पगंधा स्वाद में कड़ुआ, तीखा, कसैला होता है। सर्पगंधा की जड़ का प्रयोग रोगों में औषधि के रूप में किया जाता है। इसका प्रयोग मैनिया, ब्लडप्रेशर (रक्तचाप) आदि रोगों में भी किया जाता है। सर्पगंधा मासिक धर्म को ठीक करता है, पेशाब संबंधी रोगों में फायदेमंद है। सर्पगंधा बुखार को ठीक करता है।

पतले दस्त और उल्टी यानी हैजा होने पर 3-5 ग्राम सर्पगंधा की जड़ के चूर्ण को गुनगुने जल के साथ सेवन करें। सर्पगंधा अपच और कब्ज को दूर करता है। यह गैस को समाप्त करता है। इन कारणों से होने वाले पेट के दर्द में सर्पगंधा की जड़ का काढ़ा बनाकर 10-30 मिली मात्रा में पीएं। अवश्य लाभ होगा।

सर्पगंधा चूर्ण और बटी के फायदे -

निन्दाकार वटी : सर्पगंधा 30 ग्राम, नील कमल 12 ग्राम, पिपलामूल 12 ग्राम, जटामांसी 12 ग्राम, खुरासनी अजवायन 12 ग्राम लेकर चूर्ण बना लें। चूर्ण में जल से घोंटकर गोली बना लें। सुबह-रात को एक-एक गोली लें। 2 घंटे पूर्व कुछ न लें। नींद अच्छी आएगी।

सर्पगंधादि चूर्ण : सर्पगंधा 60 ग्राम, ब्राह्मी 30 ग्राम, शंखपुष्पी 12 ग्राम, जटामासी 12 ग्राम, अश्वगन्धा, गुलाब के फूल, श्वेत चंदन, बड़ी इलायची 6-6 ग्राम लेकर चूर्ण बना लें। 2 ग्राम सुबह-शाम ठंडे पानी के साथ लें। निन्द्रा, रक्तचाप, स्मरणशक्तिमें लाभकारी है। उन्माद मानसिक अस्थिरता, हिस्टीरिया में पानी के साथ दो ग्राम चूर्ण लें। ये औषधीय नुस्खे आयुर्वेद चिकित्सक के परार्मश से ही लें।

Published on:
31 Oct 2020 11:54 pm
Also Read
View All