
#coronavirus: #patrikaCoronaTRUTHs, #patrikaCoronaLATEST, coronavirus: #coronavirus: COVID 19, WHO : कोरोना वायरस (कोविड -19) दुनिया भर में फैल चुका है। कोरोनावायरस से संक्रमित मरीज अब भारत में भी मिल रहे हैं। भारत में कई राज्यों में इसके मरीजों की पुष्टि हुई है। कोरोना वायरस को लेकर जनता में डर और कई तरह के भ्रम हैं। लोगों में कोरोनो को लेकर कोई भ्रम न हो इसीलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कुछ बातें बताई हैं। आप इन भ्रमों की सच्चाई जान सकते हैं।
मिथ – कम आयु के लोग इस वायरस से संक्रमित नहीं होते।
सच्चाई - डब्लूएचओ के अनुसार कोरोना किसी भी उम्र के लोगों को संक्रमित कर सकता है। इसलिए हर उम्र के लोगों को कोरोना वायरस के संपर्क में आने से बचना चाहिए।
मिथ – ज्यादा गर्म मौसम में कोरोना का असर नहीं होगा।
सच्चाई – कोरोनावायरस अधिक गर्म, अधिक ठंडा, बर्फ और शुष्क वातावरण में भी सक्रिय रहता है।
मिथ – कोरोना वायरस मच्छर के काटने से फैलता है
सच्चाई - डब्लूएचओ के अनुसार कोरोना वायरस मच्छर के काटने से नहीं फैलता।
मिथ – गर्म पानी से नहाने से कोरोना वायरस का असर खत्म हो जाता है
सच्चाई - गर्म पानी से नाहने से कोरोना नहीं मरता है।
मिथ - हैंड ड्रायर्स के इस्तेमाल से कोरोना का असर खत्म होता है।
सच्चाई – ये बात गलत है हैंड ड्रायर्स से कोरोना के संक्रमण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
मिथ –थर्मल स्कैनर से कोरोना वायरस की जांच की जा सकती है।
सच्चाई – थर्मल स्कैनर से सिर्फ व्यक्ति के शरीर का तापमान (बुखार) जांचा जा सकता है, इससे कोरोना वायरस की जांच या पहचान नहीं की जा सकती ।
मिथ – निमोनिया और एचआईबी के टीके से कोरोना वायरस से बचाव किया जा सकता है।
सच्चाई - डब्लूएचओ के अनुसार के अनुसार , निमोनिया और एचआईबी (न्यूमोकोकल वैक्सीन और हैमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी (एचआईबी) वैक्सीन से कोरोनावायरस से कोई सुरक्षा नहीं होती है।