हृदय रोगियों के लिए एक अच्छी खबर है कि शारीरिक व्यायाम करने से हृदय रोग का खतरा काफी कम हो जाता है
हृदय रोगियों के लिए एक अच्छी खबर है कि शारीरिक व्यायाम करने से हृदय रोग का खतरा काफी कम हो जाता है और रोज दवा खाने के झंझट से मुक्ति मिल सकती है। ब्रिटेन के लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (एलएसई) और अमरीका के हावर्ड व स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अपने नए शोध में इस बात का खुलासा किया है। रोजाना व्यायाम से आपका रक्त संचार भी दुरुस्त रहता है।
व्यायाम वह गतिविधि है जो शरीर को स्वस्थ रखने के साथ व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य को भी बढ़ाती है। यह कई अलग अलग कारणों के लिए किया जाता है, जिनमे शामिल हैं: मांसपेशियों को मजबूत बनाना, हृदय प्रणाली को सुदृढ़ बनाना, एथलेटिक कौशल बढ़ाना, वजन घटाना या फिर सिर्फ आनंद के लिए। लगातार और नियमित शारीरिक व्यायाम, प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ा देता है।
नियमित रूप से 30-45 मिनट के लिये व्यायाम करने से आपके दिमाग के स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। यह आपके मूड को भी ठीक करता है। व्यायाम से नई तन्त्रिका कोशिकोओं के निर्माण होता है जिससे अल्ज़ीमर्स और पार्किन्सन्स जैसी बीमारियाँ दूर ही रहती हैं। व्यायाम से जीवन के उत्तरार्ध में विकसित होने वाले पागलपन जैसे लक्षणों से भी बचा जा सकता है।
आमतौर पर व्यायाम को मानव शरीर पर पड़ने वाले इसके समग्र प्रभाव के आधार पर तीन प्रकार में वर्गीकृत किया जा सकता है:
- नम्यक (लचीलापन) व्यायाम, जैसे कि शरीर के भागों को खींचना (स्ट्रेचिंग) मांसपेशियों और जोड़ों की गति की सीमा में सुधार करता है।
- एरोबिक व्यायाम, जैसे साईकिल चलाना, तैराकी, घूमना, नौकायन, दौड़, लंबी पैदल यात्रा या टेनिस खेलना आदि से हृदय के स्वास्थ्य में सुधार होता है।
- एनारोबिक व्यायाम, जैसे वजन उठाना, क्रियात्मक प्रशिक्षण या छोटी दूरी की तेज दौड़ (स्प्रिन्टिंग), अल्पावधि के लिए पेशी शक्ति में वृद्धि करती है।