बॉडी एंड सॉल

डांस करके शरीर को रख सकते हैं फिट, जानें इसके बारे में

आइये जानते हैं एक घंटे के वर्कआउट सेशन में क्या एक्सरसाइज और डांस करके खुद को फिट रख सकते हैं।
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Jun 25, 2019
Dancing exercise for fit body
आइये जानते हैं एक घंटे के वर्कआउट सेशन में क्या एक्सरसाइज और डांस करके खुद को फिट रख सकते हैं।

किसान, चक्की पीसने वाली महिलाएं, मछुआरे आदि मेहनतकश लोग अपने काम व पारंपरिक डांस के जरिए फिट रहते हैं, इनकी तरह ही आप भी डांस और वर्कआउट करके शरीर को फिट रख सकते हैं। आइये जानते हैं एक घंटे के वर्कआउट सेशन में क्या एक्सरसाइज और डांस करके खुद को फिट रख सकते हैं।

1. मेडिटेशन : फोक फिटनेस की शुरुआत में लोग फेसबुक, मोबाइल, वॉटसएप, लंच में क्या बनाऊं जैसे तमाम सवालों को भूलकर एक घंटा सिर्फ वर्कआउट पर ध्यान देंं। फिर माइंड व सोल (दिमाग व आत्मा) की शांति के लिए मेडिटेशन कराया जाता है।

2. वॉर्मअप : वर्कआउट की शुरुआत से पहले वॉर्मअप कराया जाता है ताकि शरीर एक्सरसाइज के लिए तैयार हो जाए। ये भाग हर किसी के लिए जरूरी होता है।

3. अपर बॉडी वर्कआउट -
इसमें शोल्डर, चेस्ट, बैक, बाइसेप्स व ट्राइसेप्स की एक्सरसाइज के लिए बिहू, कोली, गरबा व राजस्थानी नृत्य कराए जाते हैं। बिहू नृत्य में हाथों व कंधों का प्रयोग होता है। एंटीक्लॉक और क्लॉक मूवमेंट से शोल्डर की कसरत होती है। ऐसे ही मछुआरों का लोक नृत्य कोली करने से चेस्ट और बैक का वर्कआउट होता है। राजस्थान में रेत ज्यादा होने से यहां के लोग पैरों को दबाकर चलते हैं इसलिए यहां के लोक नृत्यों में पैरों की तुलना में अपर बॉडी का ज्यादा प्रयोग होता है। गरबा में ऊपर से नीचे व नीचे से ऊपर के कई स्टेप्स होने से शोल्डर व बाइसेप्स का अच्छा वर्कआउट होता है।

4. कार्डियो वर्कआउट-
कार्डियो को चौथे सेशन में रखा गया है। यह सेशन वजन घटाने के लिए सबसे बेस्ट है जिसमें हाई इंटेसिटी कार्डियो वर्कआउट होता है। इस दौरान भी फोक सॉन्ग या फोक बीट का ही इस्तेमाल किया जाता है। इसमें काउंटिंग के हिसाब से आपके मूवमेंट दाएं और बाएं किए जाते हैं।

5. स्ट्रेचिंग व वॉइस ओवर-
सारे वर्कआउट सेशन के बाद शवासन के जरिए बॉडी स्ट्रेचिंग की जाती है। इस दौरान आत्म-चिंतन करते हुए माइंड, बॉडी और सोल को रिलेक्स किया जाता है।

वाटर ब्रेक -
हर सेशन के अंत में दो मिनट का ब्रेक होता है जिसमें सिर्फ एक घूंट पानी पीना होता है क्योंकि ज्यादा पानी से पेट में मरोड़ होने की आशंका रहती है। साथ ही शरीर में पानी की कमी नहीं होती।

खासियत - इस वर्कआउट में हर महीने लोक नृत्यों को बदल दिया जाता है। जिसके लिए देश के अलग-अलग हिस्से के फोक डांस का इस्तेमाल किया जाता है। ताकि मसल्स रिलैक्स हो सकें।

Published on:
25 Jun 2019 01:20 pm