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Digestion Problems: पाचनतंत्र मजबूत करने और भूख बढ़ाने के लिए करें ये योगासन

digestion problem treatment: digestion problem: जानिए कुछ ऐसे ही मददगार आसनों के बारे में जो पाचनतंत्र को मजबूत कर भूख बढ़ाने में मददगार हैं।

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Jul 06, 2019
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digestion problem treatment: digestion problem: जानिए कुछ ऐसे ही मददगार आसनों के बारे में जो पाचनतंत्र को मजबूत कर भूख बढ़ाने में मददगार हैं।

digestion problem treatment: कुछ लोगों को भूख न लगने की समस्या रहती है। जिसका कारण पाचनतंत्र में गड़बड़ी होना और शारीरिक कमजोरी है। जानिए कुछ ऐसे ही मददगार आसनों के बारे में जो पाचनतंत्र को मजबूत कर भूख बढ़ाने में मददगार हैं।

तितली आसन -
बड़ों के अलावा बच्चे भी इस आसन को आराम से कर सकते हैं। इससे कब्ज की समस्या दूर होती है जिससे पाचन क्षमता मजबूत होने के साथ भूख बढ़ती है।

ऐसे करें : कमर सीधी रखते हुए बैठें व पैरों को घुटनों से मोड़ लें। पैरों के तलवे एक-दूसरे से मिलाएं। हाथों से पंजों को पकड़ें व जांघों से ऊपर-नीचे पैरों को मूव करें। क्षमतानुसार पैरों को ऊपर उठाएं। इसे दिन में 3 बार कर सकते हैं।
ये न करें: जिनकी हाल ही घुटने की सर्जरी हुई हो या जिन्हें कमर से निचले हिस्से में ज्यादा दर्द रहता है।

शशांकासन -
यह आसन तनाव, गुस्सा दूर करने के साथ पाचनक्रिया सुधारने व पीठ दर्द को दूर करता है। इसे दो से तीन बार कर सकते हैं।
ऐसे करें : वज्रासन की मुद्रा में बैठें। सांस लेते समय दोनों हाथ ऊपर लाएं व छोड़ते हुए आगे झुकें। हाथों को फैलाकर हथेलियां व सिर को जमीन से छुएं। सांस छोड़कर कुछ देर ऐसे ही रहें। अब सांस लेते हुए प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
ये न करें : हर्निया, अधिक पीठ दर्द की स्थिति, हाई ब्लड प्रेशर या चक्कर आने की स्थिति में न करें।

उड्डियानबंधासन -
उड्डियान यानी उड़ान भरना। इसमें नाभि के ऊपर-नीचे वाले हिस्से को अंदर खींचते हैं। पेट दुरुस्त करने वाले इस आसन को 3-4 बार करें।
ऐसे करें: इसे सीधे खड़े होकर या बैठकर भी कर सकते हैं। वज्रासन की मुद्रा में बैठकर हथेलियों को घुटनों पर रखें। पूरी सांस बाहर निकालकर 15-20 सेकंड के लिए इसी अवस्था में रहें। आंखें बंद कर सीने को धीरे-धीरे फैलाएं और पेट को अंदर की ओर खींचे। प्रारंभिक अवस्था में आते समय पेट ढीला छोड़ें और सांस भरते हुए सामान्य स्थिति में आ जाएं और कमर सीधी कर लें।
ये न करें : हाई बीपी, पेट में अल्सर, हर्निया और गर्भावस्था या माहवारी के दौरान न करें।

Published on:
06 Jul 2019 03:13 pm