
कब्ज ऐसी समस्या है जो अकेले कई बीमारियों को जन्म देती है। पेट के रोगों की शुरुआत कब्ज से ही होती है और बाद में गंभीर रूप ले लेते हैं। समय रहते कब्ज का इलाज हो जाए तो कई जटिल समस्याओं से भी बचाव संभव है। जानते हैं कब्ज की समस्या में आयुर्वेद से जुड़े कुछ उपाय-
बरतें सावधानी -कब्ज की समस्या है तो मौसमी फल और सब्जियां भरपूर मात्रा में खाना चाहिए। इससे कब्ज में आराम मिलता है। हर व्यक्ति को रोजाना 2-3 लीटर पानी पीना चाहिए। इससे कब्ज के रोगियों को लाभ होता है। अधिक तलाभुना व मिर्च-मसालेदार खाने से परहेज करना चाहिए।
मुनक्का और सौंफ भी फायदेमंद -
इस तरह की समस्या है तो इसके लिए रोज 4-6 मुनक्के खाएंं। मुनक्के को रात में भिगो दें और सुबह उसका बीज निकाल लें और अच्छे से चबा-चबाकर खाएं। अगर किसी को कब्ज के साथ जलन है तो एक चम्मच साबुत धनिया और सौंफ को रात में एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह चाय की जगह इसमें मिश्री मिलाकर पीएं। जिसको कब्ज के साथ जलन नहीं है या फिर डायबिटीज के मरीज हैं वे बिना मिश्री मिलाए ही पीएं। कब्ज में गाय का गुनगुना दूध रात में सोने से पहले पीना लाभकारी रहता है। त्रिफला और हरीतिकी भी फायदेमंद होता है।
दूध में अरण्ड तेल लें -
अरण्ड का तेल भी कब्ज में राहत देता है। इसके 4-6 चम्मच तेल को रात में सोते समय एक गिलास दूध में अच्छी तरह से मिलाकर पीना फायदेमंद रहता है। अगर किसी को दूध में अरण्ड का तेल मिलाकर पीने में परेशानी होती है तो इस तेल में बैंगन को फ्राई कर लें और रात में सोने से पहले खा लें। एक बार में 100ग्राम बैंगन से अधिक न खाएं।