इस मौसम में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सब जुकाम, बुखार की चपेट में आ जाते हैं।
इस समय बदलते मौसम में वायरल फीवर की समस्या एक आम बात है। इन दिनों स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव होता रहता है। बुखार, जुकाम से ज्यादातर लोग परेशान रहते हैं। अगर बुखार में लापरवाही कर देंगे तो मर्ज लंबे समय तक ठीक नहीं होता है और समस्या बढ़ती जाती है। बदलते मौसम में बच्चों, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सब जुकाम, बुखार की चपेट में आ जाते हैं। मलेरिया, वायरल फीवर और डेंगू के लिए यूनानी चिकित्सा Unani Medicine पद्धति में तैयार तिरियाकी काढ़ा बुखार में बहुत कारगर है। आइये जानते हैं इस काढ़े के क्या फायदें और इसे कैसे तैयार कर कर सकते हैं।
काढ़े को ऐसे बनाएं-
आलू बुखारा 5 दाने, कासनी के बीज तीन ग्राम, कद्दू के बीज तीन ग्राम, बेहदाने का लुआब तीन ग्राम लेकर जोशांदा बना लें। उसमें अर्क गाउज़बान 72 ग्राम, अर्क गुलाब 72 ग्राम, शर्बत नीलोफर 24 ग्राम, शर्बत ख़ाकसी 5 ग्राम मिलाकर बना लें। इस तरह आपका स्पेशल काढ़ा बन जाएंगा। इस काढ़ा को नियमित सुबह-शाम लेने से तीन से चार दिन में फायदा मिलेगा।
फायदा- इस काढ़ा के सेवन से मलेरिया, वायरल फीवर और डेंगू जैसी बीमारियों में फायदा मिलेगा। यह कमजोरी भी दूर करता है।
सेवन का तरीका -
गर्भवती महिलाएं इस काढ़े का सेवन न करें। बच्चों व बूढ़े बाकी लोग ले सकते हैं। इसे दिन भर में दो बार ले सकते हैं। बुखार उतरने के बाद भी इसे पी सकते हैं।