एक्यूप्रेशर चिकित्सा में शरीर के विभिन्न ऊर्जा बिंदुओं पर दबाव देने से कई समस्याओं में आराम मिलता है। इन दिनों एक्यूप्रेशर से जुड़े कई प्रोडक्ट का उपयोग बढ़ गया है लेकिन इनके साथ कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। गाडिय़ों में भी आजकल इस तरह के मैट इस्तेमाल हो रहे हैं।
इनका चलन : एक्यूप्रेशर विशेषज्ञ डॉ. पीयूष त्रिवेदी के अनुसार एक्यूप्रेशर मैट यानी पट्टा या पिरामिड पट्टे पर मौजूद एक्यूप्रेशर, मैग्नेट्स व पिरामिडनूमा बिंदु विभिन्न दर्द में लाभदायक हैं। इन दिनों मार्केट में ऐसे एक्यूप्रेशर मैट भी मौजूद हैं जिनपर सो सकते हैं। इसकी खासियत है कि इससे पूरे शरीर के ऊर्जा बिंदु सक्रिय होते हैं।
कब करें : सुबह के समय खाली पेट इसपर खड़े होकर यानी नंगे पैर 15-20 मिनट कदमताल करें। दिन में इसपर 5-10 मिनट के लिए खड़े हों। सामान्य तौर पर इसपर तीन से पांच मिनट रोजाना खड़े होना चाहिए।
फायदा कैसे : मैट के उठे हुए हिस्से पर खड़े होने से कब्ज, एसिडिटी, अपच, डायबिटीज में फायदा होता है। स्लिप डिस्क, पैर के विभिन्न हिस्सों में दर्द, बवासीर, माइग्रेन, साइनस, अनिद्रा में लाभ होता है।
विभिन्न रोगों में फायदा : अपच के अलावा किडनी संबंधी रोगों, एड़ी में दर्द और ऐसे व्यक्ति जिन्हें रक्तविकार हों वे इस तरह के मैट पर कुछ समय के लिए खड़े हों।