
सभी चाहते हैं कि उनकी आवाज मीठी व आकर्षक हो। अगर आप ऐसे प्रोफेशन में हैं जहां आवाज ही आपके पेशे के लिए अहम भूमिका अदा करती है जैसे- गायक, एंकर, रेडियो जॉकी तो अपनी आवाज को दिलकश बनाए रखना जरूरी है।
हमारी स्वर प्रणाली बहुत ज्यादा दबाव व बेरुखी झेल नहीं पाती। यहां वोकल हाइजिन में कुछ ऐसी अच्छी आदतें हैं जो आवाज की मधुरता बनाए रखने में सकारात्मक रोल अदा करती हैं।
बहुत जोर-जोर से या तेज-तेज बोलने व चिल्लाने से बचें। लगातार एक साथ लम्बे समय तक ना बोलें।15-20मिनट से ज्यादा अगर बोलना हो तो थोड़ा गैप लेते रहें।
स्वर प्रणाली को ठीक बनाए रखने के लिए तरह पदार्थ लेते रहें ताकि खुश्की ना हो। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में सामान्य तापमान के पानी का सेवन करते रहें।
अनावश्यक रूप से बार-बार खांस कर गले को साफ करते रहने की आदत से बचें। अगर गले में कुछ महसूस हो रहा है तो थ्रोट क्लियरिंग के लिए कुछ घूंट पानी पीकर उससे निजात पाने की कोशिश करें।
जब बहुत सारे लोगों को सम्बोधित करना है तो सब तक बात पहुंचाने के लिए जाहिर है आपको तेज बोलने की जरूरत पड़ेगी। बेहतर यह है कि आप यहां माइक का प्रयोग करें। तेज बोलने के विकल्प के रूप में जहां सम्भव हो वहां सीटी, ताली बजाकर, हाथ ऊंचा कर या घंटी बजाकर काम चलता हो तो, ऐसा करें।
कैफीनयुक्त पदार्थ जैसे चाय, कॉफी व कोला का अत्यधिक मात्रा में सेवन न करें।
धूम्रपान से बचें व शराब का सेवन न करेें।धूल, धुआं व शुष्क हवा से बचें।
खान-पान की आदत को व्यवस्थित रखें। तला-भूना व ज्यादा वसायुक्त भोजन से बचें। रात को बहुत ज्यादा व देरी से भोजन न करें।
स्टीम इन्हेलेशन करें। भाप का प्रयोग भी स्वर यंत्र के लिए बेहद फायदेमंद है।
आवाज के मामले में लापरवाही ना बरतें। आपको आवाज में मधुरता बरकरार रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना होगा अन्यथा ऐसा ना हो कि आपके पेशे के लिए जरूरी आपकी आवाज ही फीकी पड़ जाए या उसमे खराश आ जाए।
बोलते समय सहज रहे। अनावश्यक दबाव न डालें। पर्याप्त मात्रा मे नींद लें।
यदि बेकग्राउंड में कोई तेज शोर हो रहा है तो अपनी बात पहुंचाने के लिए उसका मुकाबला न करें, ऐसे में आप अपना स्वर बहुत तेज कर लेते हैं।