
आपका बच्चा अगर रात में ठीक से नहीं सोता ( baby won't sleep ) है तो इसका असर बच्चे के साथ मां पर भी पड़ता है। मां की नींद पूरी न होने से वह भी तनाव में रहती है। डॉक्टरों की मानें तो रात को लम्बी नींद लेने की आदत शिशुओं में 6 महीने के बाद ही आती है। अगर बच्चा 6 महीने का हो चुका है और फिर भी अच्छी तरह नहीं सो पाता तो (baby won't sleep 6 months ) आप इन उपायों को आजमा सकती हैं -
बेड टाइम फिक्स करें
बच्चे के सोने का एक समय निर्धारित कर दें। रोज थपकी देकर फिक्स समय ही उसे बिस्तर पर लिटा दें। धीरे-धीरे उसे नींद आने लगेगी। वह भी जैविक घड़ी का अभ्यस्त हो जाएगा। अगर रात में वह उठता भी है तो उससे धीरे से शांत रहने और सोने का संकेत दें।
सोने से पहले कुछ खिलाएं
बच्चे को सोने के समय से एक घंटे पहले कुछ खिलाएं। अगर बच्चा ठोस आहार लेने लगा है तो उसे दलिया, राइस प्यूरी आदि खिलाएं। भूख से नींद कम आती है। बच्चे का पेट भरा रहेगा तो उसे नींद अच्छी आएगी और वह रात को बार-बार उठेगा भी नहीं।
कमरे में हो कम रोशनी
तेज रोशनी में नींद नहीं आती है। इससे बचने के लिए बेडरूम में हल्की रोशनी वाले बल्ब ही जलाएं। कम रोशनी की आदत बच्चों में डालें ताकि जब भी आप लाइट बंद करेंगी तो बच्चे को लगेगा कि अब सोने का टाइम हो गया है।
मालिश करें
गर्मी के दिनों में बच्चे को भी सुकून चाहिए होता है। शाम को उसे हल्के गुनगुने पानी से नहला दें और हल्की मालिश करके बेबी पाउडर लगाएं। इससे उसके शरीर में थकान होगी और उसे अच्छी नींद आएगी।