
वजन कम करने में मदद मिलती है
कटहल में प्रोटीन्स, विटामिन्स, कार्बोहाइड्रेट्स, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन, आयरन, फाइबर का भंडार होता है। इसके बीजों में थाइमीन और जिंक होता है। इसमें फैट और कैलोरी की मात्रा कम होती है जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। सब्जी के तौर पर इस्तेमाल होने वाले कटहल से अचार और पकौड़ी भी बनाई जाती है।
अस्थमा : कटहल की जड़ को पानी में उबालकर काढ़ा बना लें और एक तिहाई होने पर पीएं, अस्थमा में आराम मिलेगा।
कैंसर : इसकी 4-5 पत्तियों को एक गिलास पानी में उबालकर काढ़ा बना लें। दिन में दो बार पीना कैंसर की कोशिकाओं के विकास को रोकता है।
एनर्जी बूस्टर : पके हुए कटहल के गूदे को मैश कर इसे पानी में उबाल लें। ठंडा कर पीने से शरीर को एनर्जी मिलती है। यह टॉनिक का काम भी करता है।
सूजन : कटहल के छिलके से निकले दूध को गांठनुमा सूजन, कटी-फटी त्वचा और घाव पर लगाएं, फायदा होगा।
डायबिटीज-हाईबीपी : इसकी 5-6 पत्तियों को कूटकर रस निकाल लें। इसे पीने से डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को लाभ मिलता है।
गले में परेशानी : इसकी कोंपलों को कूटकर गोली बना लें। गले में तकलीफ बढऩे पर गोली चूसें, राहत मिलेगी।
त्वचा रोग : कटहल की जड़ के एक चम्मच चूर्ण को त्वचा संबंधी रोगों में प्रयोग कर सकते हैं।
डॉ. पीयूष त्रिवेदी