
व्यस्त दिनचर्या की वजह से व्यायाम करने की आदत व सेहत के लिए बरती जाने वाली सावधानियां भी कम हो जाती हैं। इसके अलावा कई अन्य कारणों से रक्तप्रवाह कम होने से धमनियां सिकुड़ती हैं व अटैक की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए हृदय रोगियों को अपना खास खयाल रखें चाहिए।
रूल फोर ऑल : इस नियम के मुताबिक दिल के मरीजों को हफ्ते के चार दिनों (ऑल्टरनेट डेज) में चालीस मिनट कम से कम चार किमी चलना चाहिए।
बादाम व पिस्ता : दिल के मरीजों के लिए बादाम व पिस्ता फायदेमंद है। उन्हें ग्रीन-टी से भी लाभ होता है लेकिन घी, मक्खन, अधिक नमक, मिर्च-मसाले व तला-भुना भोजन कम से कम खाना चाहिए। शरीर को वसा की जरूरत हमेशा रहती है इसलिए इसे भोजन से पूरी तरह हटाया नहीं जा सकता। दिनभर में 2-3 चम्मच घी व 4-5 चम्मच तेल का प्रयोग कर सकते हैं।
ऐसा हो डाइट चार्ट-
सुबह एक गिलास मलाई रहित दूध, दो चम्मच शक्कर के साथ लें। इसके साथ 1-2 अखरोट खा सकते हैं।
नाश्ते में अंकुरित अनाज/एक प्लेट मिक्स या वेजीटेबल उपमा लेंं। दोपहर में दो चपाती चोकर सहित, छिलके वाली दाल एक कटोरी, आधा कटोरी चावल, एक कटोरी हरी सब्जी, एक कटोरी दही व थोड़ा सलाद लें।
शाम को एक कप चाय के साथ दो बिस्किट ले सकते हैं।
डिनर, लंच जैसा ही लें। सोने से पहले कुछ खाना चाहते हैं तो आधा गिलास दूध या फल ले सकते हैं।
हृदय पर जोर -
शुष्क वातावरण अस्थमा के मरीजों के लिए भी खतरनाक होता है। नमी के अभाव में सांस लेने में कठिनाई होती है। इससे हृदय पर जोर पड़ता है जिससे अटैक पड़ सकता है। ऐसे में बुजुर्ग घर के भीतर का तापमान 21/22 डिग्री रखें और गर्म खाना व गुनगुना पानी लें।
भरपूर नींद लें -
7-8 घंटे की नींद लें व मेडिटेशन करें। तनाव लेने से बचें। मांसाहार न करें। डाइट में फल और सब्जियों को शामिल करें। ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखना हार्ट अटैक से बचने का महत्त्वपूर्ण तरीका है। नियमित रूप से दवाएं लें और कम से कम नमक खाने की आदत बनाएं।