बॉडी एंड सॉल

Body Detoxification – बाहर ही नहीं, अंदर से भी करें शरीर की सफाई

सुस्ती, कमजोरी, पाचनतंत्र में गड़बड़ी, नींद की कमी, तनाव, उल्टी जैसी समस्याएं बिना कारण बढ़ती जा रही हैं जो शरीर के अंदर जमा हो रहे विषैले पदार्थों का संकेत हो सकती हैं

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Jul 25, 2019
body detox
Body Detoxification - बाहर ही नहीं, अंदर से भी करें शरीर की सफाई

सुस्ती, कमजोरी, पाचनतंत्र में गड़बड़ी, नींद की कमी, तनाव, उल्टी जैसी समस्याएं बिना कारण बढ़ती जा रही हैं जो शरीर के अंदर जमा हो रहे विषैले पदार्थों का संकेत हो सकती हैं। दरअसल गलत खानपान, तनाव आदि से शरीर में लगातार गंदगी जमा होती रहती है। समय रहते इनकी सफाई न होने पर कई गंभीर रोग जन्म लेने लगते हैं। शरीर की अंदरुनी सफाई को डिटॉक्सिफिकेशन कहते हैं। जानें इस बारे में-

शुद्ध हवा
वायु प्रदूषण के हानिकारक प्रभाव से खुद को पूरी तरह बचा कर रखना संभव नहीं है। लेकिन एयर प्यूरिफायर उपकरण का प्रयोग करने के अलावा थोड़ी-थोड़ी देर पर गहरी सांसें लें। इससे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचने से ऊर्जा का संचार बेहतर होता है।

ऐसे होती सफाई
त्वचा, लीवर, फेफड़े, बड़ी आंत व किडनी मिलकर शरीर से विषैले तत्त्वों (भारी धातु, रसायन, प्रदूषण के कारक, कीटनाशक) को पसीने के रूप में बाहर करते हैं। लीवर इन तत्त्वों को छानने, फेफड़े कार्बन डाईऑक्साइड हटाने, बड़ी आंत पानी व पोषक तत्त्वों को अवशोषित कर मल में बदलने और किडनी रक्त साफ कर पदार्थों को यूरिन के जरिए बाहर निकालती है।

अपना सकते हैं ये उपाय
लिक्विड डाइट : पानी यूरिन के जरिए विषैले पदार्थ को बाहर निकलता है। कोशिकाओं की मरम्मत से लेकर अंगों को टॉक्सिन फ्री करने तक के लिए पानी जरूरी है। एक शोध के अनुसार एक दिन में पुरुषों को 3 लीटर व महिलाओं को 2.2 लीटर पानी पीना चाहिए। जूस, स्मूदी आदि पी सकते हैं।

नींबू पानी : सुबह के समय एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू का रस डालकर पी सकते हैं। इससे विटामिन-सी, पोटेशियम, कैल्शियम व मैग्नेश्यिम के तौर पर हाइड्रेटिंग इलेक्ट्रोलाइट मिलता है। जो लीवर के एंजाइम्स को सक्रिय कर पाचनतंत्र सही रखता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है।

संतुलित खानपान : फास्ट फूड और प्रॉसेस्ड फूड की बजाय मौसमी फल और हरी सब्जियां खाएं। इनमें मौजूद फाइबर लीवर के एंजाइम्स को सक्रिय करते हैं।

एक्सरसाइज करें: एक्सरसाइज करने के दौरान निकलने वाला पसीना आर्सेनिक, कैडमियम, पारा व मर्करी जैसे धातुओं को बाहर निकालता है। मेडिटेशन तनाव कम कर दिमाग को शांत रखता है। अन्य रसायनों की तरह ही तनाव भी विषैला होता है।

Updated on:
24 Jul 2019 04:36 pm
Published on:
25 Jul 2019 08:00 am