
हर व्यक्ति बेहतर और खुशहाल रिटायर्ड लाइफ चाहता है। लेकिन यह उन्हें ही मिलती है जो युवावस्था में फिटनेस और फाइनेंस की प्लानिंग कर लेते हैं।
फिटनेस प्लानिंग -
इससे आशय युवावस्था में स्वास्थ्य की उचित देखरेख करने से है ताकि उम्र बढ़ने पर ऊर्जा न घटे। युवावस्था में जीवनशैली से जुड़े रोगों से बच जाएंगे तो उम्र बढ़ने पर भी फिट रहेंगे। हफ्ते में 5 दिन 20 मिनट वॉक, रोजाना 8 घंटे गहरी नींद, मोटापे से बचाव व फिटनेस की प्लानिंग जरूरी है। इसके लिए सही समय पर हैल्थ इंश्योरेंस लें ताकि वृद्धावस्था में इलाज के खर्चों की चिंता न सताए।
फाइनेंस प्लानिंग -
शानदार रिटायरमेंट के लिए जरूरी है सोची-समझी फाइनेंस प्लानिंग। अक्सर हम सोचते हैं कि 65 साल के बाद सेवानिवृत्त होंगे और तब के लिए 50 साल की उम्र में बचत शुरू करेंगे। मान लें एक व्यक्ति 25 वर्ष की उम्र में वृद्धावस्था के लिए 10 वर्ष तक हर साल 10 हजार रुपए निवेश करता है। एक दूसरा शख्स 35 साल की उम्र से 30 साल तक हर साल 10 हजार रुपए बचाता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि 65 वर्ष की उम्र में पहले व्यक्ति के पास दूसरे सेे ढाई गुना ज्यादा राशि होगी। इसलिए जिनती जल्दी बचत शुरू करेंगे, उतनी जल्दी रिटायर होंगे।