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Coronavirus: गले में होते हैं कई तरह के संक्रमण, एेसे करें बचाव

Coronavirus: गले से जुड़ी समस्याओं, उनके इलाज और सावधानियों के बारे में बता रहे हैं।
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Jun 16, 2020
Coronavirus: गले में होते हैं कई तरह के संक्रमण, एेसे करें बचाव
Many types of infections occur in the throat, so do protection

हवा में शुष्कता आने से धूल-मिट्टी ज्यादा उड़ने लगती है और गले में तरह-तरह का इंफेक्शन होने लगता है। गले से जुड़ी समस्याओं, उनके इलाज और सावधानियों के बारे में बता रहे हैं।

एलर्जी : प्रदूषण, कोई फूड, फूलों के परागकण, बेडशीट की डस्ट, धूल व धुआं कारण हैं। सांस लेने में दिक्कत, सूखी खांसी, नाक से पानी आना, बुखार, गले में दर्द है तो एंटीएलर्जिक दवाएं लें और एलर्जी होनेे के कारणों से दूरी बनाएं।

टॉन्सिलाइटिस : ठंडी चीज खाने या ठंड से यह समस्या होती है। गले में दर्द, थूक या पानी निगलने में दर्द, मुंह से बदबू, कान में संक्रमण लक्षण हैं। एंटीबायोटिक्स देने के अलावा नमक मिले गुनगुने पानी के गरारे और ठंडी चीजों से परहेज करें।

लैरिंजाइटिस : इंफेक्शन, एलर्जी या अन्य कारण से वोकल कॉर्ड पर असर होता है जिससे बोलने व सांस लेने में दिक्कत होती है। लंबे समय तक एलर्जी, एसिड रिफ्लक्स, साइनुसाइटिस से क्रॉनिक लैरिंजाइटिस होता है। ईएनटी विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

एसिड रिफ्लक्स : पाचन संबंधी व अन्य कारणों से पेट में भोजन पचाने वाला अम्ल ऊपर गले तक आता है। इससे गले को क्षति होती है व सूजन आ जाती है। बार-बार खांसी, उल्टी, खट्टी डकारें और सीने में जलन होती है। इलाज के रूप में एंटासिड दवाएं लेने की सलाह देते हैं। सोने से दो घंटे पहले भोजन करें और मॉर्निंग व ईवनिंग वॉक पर जाएं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
16 Jun 2020 11:46 pm