
आयुर्वेद में दांतों, जीभ और मुंह के अंदर वाले हिस्से को स्वस्थ रखने के लिए ऑयल पुलिंग करने की सलाह दी जाती है। ऐसा लगभग 3 हजार से ज्यादा वर्षों से किया जा रहा है। इसके कई अन्य फायदे भी हैं। जानते हैं किन तेलों से इसे करते हैं और यह कैसे लाभदायक है।
ऐसे करें ऑयल पुलिंग :
तिल, जैतून या नारियल के तेल को मुंह में 10 -15 मिनट के लिए घुमाया जाता है। इसके बाद जब तेल पतला हो जाता है तो इसे थूककर मुंह की अच्छी तरह से सफाई कर ली जाती है।
सावधानी : इसे करते समय ध्यान रखें कि तेल निगले नहीं क्योंकि 15 मिनट की प्रक्रिया में मुंह में मौजूद तेल में बैक्टीरिया, वायरस व विषाक्त पदार्थ बढ़ जाते हैं।
ध्यान रखें : सुबह के समय खाली पेट तेल से कुल्ला करने से ज्यादा फायदा होता है। इसे करने के बाद आप नमक से दांतों और मसूढ़ों की मसाज भी कर सकते हैं।
इसके लाभ : ऑयल पुलिंग से मुंह के बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा दांतों की सेंसिविटी कम होने के साथ-साथ इससे सिरदर्द, ब्रोंकाइटिस, दांतदर्द, अल्सर, पेट, किडनी, आंत, हार्ट, लिवर, फेफड़ों के रोग और अनिद्रा में भी राहत मिलती है। कीटाणुओं के बाहर निकलने से पाचनक्षमता भी दुरुस्त होती है।