
हाल ही अमरीका की येल यूनिवर्सिटी में हुए एक रिसर्च में पाया गया है कि अकेले रहने वाले लोग अगर दर्द भरे गाने सुनते हैं तो न केवल अकेलापन दूर होगा बल्कि सुकून भी मिलेगा।
साइकोलॉजिस्ट व शोधकर्ता डॉ. जोशुआ नोब का कहना है कि लोगों के दिमाग में एक ही वक्त में किसी चीज के लिए दो कॉन्सेप्ट बनते हैं एक रियल और दूसरा वर्चुअल।
दर्द वाले म्यूजिक के साथ भी यही होता है। ये गाने पुरानी यादों की गहराई में तो ले जाते हैं पर जरूरी नहीं है कि आपको हर बार उदास ही करे। यह हैप्पी म्यूजिक की तरह भी काम करते हैं। नेगेटिव फिलिंग से बाहर निकालने का भी काम करते हैं। आगे बढऩे के लिए प्रेरित करते हैं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।