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Pregnancy Care: गर्भावस्था में हाई बीपी के खतरे को कम करती है पोटैशियम की खुराक

Pregnancy Care: गर्भावस्था में पोषक तत्वों की ज्यादा जरूरत होती है।इस दाैरान पोटैशियम जैसे आवश्यक खनिज तत्त्व की बहुत जरूरत हाेती है...

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Nov 08, 2019
Potassium supplements reduce the risk of high BP in pregnancy
Pregnancy Care: गर्भावस्था में हाई बीपी के खतरे को कम करती है पोटैशियम की खुराक

Pregnancy Care: गर्भावस्था में पोषक तत्वों की ज्यादा जरूरत होती है।इस दाैरान पोटैशियम जैसे आवश्यक खनिज तत्त्व की बहुत जरूरत हाेती है।यह शरीर में कोशिकाओं में द्रव और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बनाए रखता है। साथ ही तंत्रिका आवेग, मांसपेशियों में संकुचन और कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन से ऊर्जा निकालकर शरीर में प्रसारित करता है।

सोडियम के साथ पोटैशियम स्वस्थ रक्तचाप बनाए रखने में मदद करता है। सोडियम कोशिकाओं से तरल पदार्थ लेता है और रक्तचाप को बढ़ाता है और यह कोशिकाओं में तरल पदार्थ को बनाए रखने में मदद करता है। सोडियम अधिक लेने से इसका स्राव तेजी से बढ़ जाता है।

गर्भवती को नियमित लेना जरूरी
सामान्यत: महिला को प्रतिदिन 4700 मिलीग्राम पोटैशियम की जरूरत होती है। यद्यपि गर्भावस्था में इसकी जरूरत बढ़ती नहीं है, लेकिन पोटैशियम युक्त भोजन नियमित लेना जरूरी है। गर्भावस्था के दौरान रक्तचाप 50 प्रतिशत तक बढ़ता है।

कर्डियक अरेस्ट का कारण
गर्भावस्था में हाइपरक्लेमिया या उच्च पोटैशियम का स्तर खतरनाक हो सकता है। यह कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकता है। किडनी की फेल्योरिटी का कारण भी है।

कम हो स्तर तो सावधान
गर्भवती महिला में पोटैशियम के स्तर में कमी से थकान, पानी की कमी से पैरों, टखने में सूजन, निम्न रक्तचाप से चक्कर आना, हाथ-पैरों की उंगलियों में अकड़न, मांसपेशियों में असामान्य कमजोरी, कब्ज, असामान्य दिल की धड़कन और अवसाद हो सकता है।

Published on:
08 Nov 2019 03:31 pm