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अगर इस अंग में डालते हैं तेल तो खत्म हो जाएगी कब्ज-गैस की समस्या, जानकर रह जाएंगे दंग

Oil in belly button benefits: आयुर्वेद में हजारों साल पहले जड़ी-बूटी, औषधि, खाद्य पदार्थों के फायदे बताएं गए हैं। जो आज भी कारगर हैं। जिनका उपयोग कर आज भी गंभीर से गंभीर रोगों में फायदा पाया जा सकता है। नेवल थेरेपी भी एक आयुर्वेदिक तकनीक है जिसमें नाथि में तेल की बूंद डालकर मसाज की जाती है। नाभि 72 हजार नसों का सेंटर होता है। इसकी मालिस करने से नसें एक्टिव हो जाती है।

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Jul 21, 2023
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Oil in belly button benefits

Oil in belly button benefits: आयुर्वेद में हजारों साल पहले जड़ी-बूटी, औषधि, खाद्य पदार्थों के फायदे बताएं गए हैं। जो आज भी कारगर हैं। जिनका उपयोग कर आज भी गंभीर से गंभीर रोगों में फायदा पाया जा सकता है। नेवल थेरेपी भी एक आयुर्वेदिक तकनीक है जिसमें नाथि में तेल की बूंद डालकर मसाज की जाती है। नाभि 72 हजार नसों का सेंटर होता है। इसकी मालिस करने से नसें एक्टिव हो जाती है। और शरीर सही से काम करने लगता है। आज हम इस लेख में बताएंगे नाभि में तेल डालने के फायदे के बारे में। जो सच में फायदेमंद है।

नाभि में तेल डालने के फायदे Oil in belly button benefits

नाभि में डालें सरसों और अदरक का तेल
नाभि में सरसों और अदरक का तेल डालना फायदेमंद है। यह पेट के लिए काफी फायदेमंद होता है। कब्ज, गैस, पेट दर्द, जी मिचलाना जैसी समस्या में इस उपाय को कर सकते हैं। सिर्फ सरसों का तेल डालने से भी आंतों से खतरनाक बैक्टीरिया निकल जाते हैं।

बादाम तेल और नारियल तेल के फायदे
बादाम तेल और नारियल तेल डालने से झुर्रियां, बेजान त्वचा, दाग-धब्बे खत्म हो जाते हैं और ग्लोइंग स्किन हो जाती है। नारियल तेज की बूंदें पुरुण और महिला की फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए अच्छा होता है।

जैतून का तेल
शरीर में खून का प्रवाह सही से नहीं होने पर दर्द, हाथ-पैर सुन्न पड़ना, या फिर ऑर्गन भी प्रभावित हो सकता है। नाभि में जैतून का तेल डालने से ब्लड सर्कूलेशन तेज होता है। साथ ही कब्ज की समस्या में भी फायदेमंद है।

नीम का तेल और तिल का तेल के फायदे
नाभि में नीम और तिल का तेल के डालने से हड्डियों का जोड़ मजबूत होता है। साथ ही फ्रैक्टर से बचाने में भी मदद करता है। नीम का तेल डालने से स्किन को भी फायदा होता है। इसलिए नाभि में नीम का तेल जरूर डालना चाहिए।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
07 Oct 2023 06:30 pm
Published on:
21 Jul 2023 01:54 pm