Benefits of Sleeping on the ground: आयुर्वेद के अनुसार, फर्श पर सोने के कई लाभ हैं। रीढ़ की हड्डी पर इसका प्रभाव अधिक होता है। यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम से जुड़ी होती है जिसका संपर्क सीधा मस्तिष्क से होता है। इससे पूरे शरीर का संतुलन बना रहता है। हमारे पूर्वज जमीन पर चटाई बिछाकर सोते थे, इससे वे पूरी तरह स्वस्थ और दीर्घायु होते थे।

Benefits of Sleeping on the ground: आयुर्वेद के अनुसार, फर्श पर सोने के कई लाभ हैं। रीढ़ की हड्डी पर इसका प्रभाव अधिक होता है। यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम से जुड़ी होती है जिसका संपर्क सीधा मस्तिष्क से होता है। इससे पूरे शरीर का संतुलन बना रहता है। हमारे पूर्वज जमीन पर चटाई बिछाकर सोते थे, इससे वे पूरी तरह स्वस्थ और दीर्घायु होते थे।
मोटा तकिया न लगाएं
फर्श पर सोते हैं तो बिना तकिए या हल्का तकिया लगाकर सोएं। मोटे तकिए से गर्दन दर्द और सर्वाइकल की समस्या हो सकती है।
कौन नहीं सोए
बुजुर्ग जमीन पर न सोएं, वातशूल जोड़ों का दर्द व ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या बढ़ सकती है। चोट या घाव व एलर्जी एवं मांसपेशियों में दर्द हो तो जमीन पर न सोएं। कैंसर, टीबी, अस्थमा, गठिया में भी जमीन पर सोने से बचें।
ये हैं फायदे
गर्मी के मौसम में जमीन पर सोने से शरीर को ठंडक मिलती है और इससे मानसिक तनाव भी कम होता है। गहरी नींद आती है।
शरीर में रक्तप्रवाह सही रहता है। मांसपेशियों को आराम मिलता है।
जमीन पर सोने से पीठ दर्द और पीठ संबंधी समस्याएं दूर होती हैं।
जमीन पर सोने से मांसपेशियों संबंधी रोग, कंधा, ऊपरी व निचली पीठ, बांह, कलाई, सीना, कोलरबोन, गर्दन, सिर आदि से जुड़े दर्द में राहत मिलती है।
अगर इसकी पहल करते हैं तो अपने मन को पहले तैयार करें। शुरू में कुछ दिन दिक्कत हो सकती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।