
जामा ऑफ्थेल्मोलॉजी में प्रकाशित जर्नल के मुताबिक बचपन में सूर्य की किरणों के बीच समय बिताना युवा अवस्था में मायोपिया (दूर की चीजें साफ न दिखना) का खतरा कम करता है। लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन में हुए शोध में अल्ट्रा वॉयलेट किरणों व विटामिन-डी के बीच सम्बंध पता लगाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक जिन्हें बचपन में यूवी किरणों का एक्सपोजर मिला उनमें विटामिन-डी और ब्लड में पाया जाने वाला एक खास तत्त्व अधिक पाया गया। शोध में सामने आया कि इसका स्तर कम मिलने वालों में मायोपिया का खतरा दोगुना होता है।
सूर्य किरणाें के अन्य लाभ
- सुबह के वक्त धूप में बैठने से सूरज की रोशनी से निकलनेवाली अल्ट्रा वॉयलेट किरणें इम्यून सिस्टम को हाइपरएक्टिव होने से रोकती है और इस तरह से हम सोराइसिस जैसी बीमारियों के खतरे से दूर रहते हैं। इतना ही नहीं ये शरीर को रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी इजाफा करता है।
- सूरज की किरणों में बैठने से शरीर को विटामिन डी भरपूर मात्रा में मिलता है। विटामिन डी शरीर की हड्डियों को मजबूत करने के साथ ही उसे स्वस्थ बनाए रखता है।
- अगर आप अनिद्रा के शिकार हैं तो फिर हर रोज सुबह के वक्त हल्की सी धूप में बैठने की आदत डाल लीजिए। क्योंकि सूरज की किरणें शरीर में मेलाटोनिन नाम के हार्मोन का निर्माण करती हैं। जिससे अनिद्रा की शिकायत दूर होती है और अच्छी नींद आती है।
- एक शोध में यह खुलासा हुआ है कि सुबह धूप में बैठने से आप अपने शरीर के वजन को कंट्रोल कर सकते हैं। सूरज की किरणों और बी एम आई के बीच एक गहरा रिश्ता है जो शरीर और वजन दोनों को कंट्रोल करने की क्षमता रखते हैं।