
holi, HOLI, बच्चों की त्वचा सेंसेटिव और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर होती है। इसलिए इनके साथ होली खेलते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
सर्दी-जुकाम : जिन घरों में छोटे बच्चे हों वहां पानी वाली होली खेलने से बचें क्योंकि भीगने के कारण इस बदलते मौसम में वे जल्दी सर्दी-जुकाम का शिकार हो सकते हैं। रंगों से प्रदूषण काफी बढ़ता है जिससे बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होती है। जिन बच्चों को सांस संबंधी समस्या या एलर्जी की परेशानी हो उन्हें रंगों से दूर ही रखें। इसके अलावा जिन बच्चों की इम्युनिटी कम हो उन्हें भी होली के कार्यक्रम में शामिल न करें क्योंकि इन दिनों स्वाइन फ्लू का ज्यादा खतरा बना हुआ है।
त्वचा की एलर्जी -
जिन बच्चों को सिंथेटिक एलर्जी होती है उन्हें रंगों की वजह से त्वचा की एलर्जी होने का खतरा भी बढ़ जाता है इसलिए उन्हें होली न खेलने दें। छह माह से कम उम्र के बच्चों की त्वचा काफी कोमल होती है इसलिए उन्हें रंग न लगाएं।