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pregnancy care: प्रेग्नेंसी में सुबह-सुबह हो सकती है ये समस्या

प्रेग्नेंसी pregnancy की पहली तिमाही में अक्सर महिलाएं ladies चिड़चिड़ी, शांत या किसी भी बात पर अचानक गुस्सा करती दिखती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस दौरान स्वभाव में हो रहे इन बदलाव से महिला खुद अंजान रहती है। लेकिन घरवालों के बताने के बाद उसे ऐसा महसूस होता है। ऐसा पहली तिमाही में खासकर सुबह के समय ज्यादा होता है। जानें इस बारे में।

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Dec 02, 2019
pregnancy care: प्रेग्नेंसी में सुबह-सुबह हो सकती है ये समस्या
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शिशु baby की सुरक्षा
प्रेग्नेंसी की शुरुआत से ही विशेषज्ञ expert व परिजन महिला को खानपान, चलने-फिरने, उठने-बैठने से लेकर कई बातों पर सावधानी बरतने के लिए कहते हैं। इन सभी की आदत महिला को पहले से नहीं होती व पहली तिमाही में ऐसा लगातार करने से भी कई बार शिशु की सुरक्षा का खयाल दिमाग पर हावी होने से मूड स्विंग की परेशानी होती है। 2-3 माह में इन सभी की आदत होने के बाद महिला सामान्य हो जाती है।
हार्मोंस Hormones में बदलाव
गर्भावस्था के दौरान खासतौर पर एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर घटता व बढ़ता रहता है। ऐसे में प्रोजेस्ट्रॉन का स्तर ज्यादातर समय अधिक होता है ताकि गर्भस्थ शिशु Baby को पोषण मिलता रहे। इससे स्ट्रेस हार्मोन कार्टिसोल पर असर होने से चिड़चिड़ापन आता है।
मिचली आना
गर्भधारण के बाद कुछ दिन महिला को बार-बार उल्टी आने जैसा लगता है। जिससे वह शारीरिक रूप से परेशान रहती है। साथ ही कुछ खाने का मन न होने, कब्ज, बार-बार यूरिन आने का अचानक सामना न कर पाने से उनमें खासकर सुबह चिड़चिड़ापन रहता है।
ये अपनाएं : महिला सबसे पहले स्वीकार करे कि उसके अंदर एक और जीव पल रहा है। फिर विशेषज्ञ से मिलकर काउंसलिंग ले ताकि शरीर में हो रहे बदलावों को समझे व जरूरी एहतियात बरतें।
पॉजिटिव Positive बदलाव भी
स्वभाव में होने वाले ये बदलाव सिर्फ नकारात्मक नहीं होते, कुछ महिलाओं को घबराहट होने के अलावा अधिक खुशी, आश्चर्य, धैर्य खोना, उत्सुकता जैसा भी महसूस होता है।

Published on:
02 Dec 2019 08:05 am