शोधकर्ताओं ने ऐसे बॉडी-स्प्रे बनाएं हैं जिनसे चोट लगने पर घायल अंगों, दांतों की इनेमल परत या सर्जरी के बाद हुए घावों को तेजी से ठीक किया जा सकेगा।
तेजी से इलाज के लिए शोधकर्ता नई-नई खोज करते रहते हैं। ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने ऐसे बॉडी-स्प्रे बनाएं हैं जिनसे चोट लगने पर घायल अंगों, दांतों की इनेमल परत या सर्जरी के बाद हुए घावों को तेजी से ठीक किया जा सकेगा।
शोधकर्ताओं ने छोटे-मोटे घावों को भरने के लिए एक ऐसा स्प्रे बनाया है जो चोट को जल्दी ठीक करने के साथ-साथ उसे साफ और संक्रमण मुक्त रखता है। लाइक्रा में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक (पोलीथिलीन ग्लाइकोल)पर आधारित यह गाढ़ा तरल स्प्रे घाव पर लगाने के बाद पांच मिनट में जम कर सख्त हो जाता है। यह घाव के किनारों को खींचकर जल्दी-से-जल्दी ठीक होने में मदद करता हैै।
लंदन की न्यू कैसल यूनिवर्सिटी के सेहत विशेषज्ञ शोधकर्ता सैम शूस्टर कहते हैं, ये स्प्रे घाव पर दवा की सही डिलिवरी और दवा को घाव पर ज्यादा समय तक, जीवाणुहीन वातावरण में टिकने में मददगार होते हैं। इसी तरह इम्पीरियल कॉलेज व किंग्स कॉलेज के वैज्ञानिक दांतों पर छिड़कने वाले स्प्रे बना रहे हैं, जो इनेमल की रक्षा करेंगे और दांतों पर किसी चोट के इलाज में मददगार साबित होंगे।
इन चिकित्सकीय स्प्रे में एक प्रकार का कैल्शियम होगा, जो दांतों की बाहरी परत को पहुंचे नुकसान को तुरंत रिपेयर करने में सक्षम होगा।
इतना ही नहीं वैज्ञानिक शारीरिक अंगों के लिए ऐसी नॉन-स्टिक कोटिंग तैयार करने में जुटे हुए हैं जिसके लगाने के बाद किसी सर्जरी के दौरान या बाद में अंग आपस में चिपक ना सकें। कई बार सर्जरी के साइड इफेक्ट की वजह से दो अंगों के बीच ऐसे 'टफ स्कार टीशू' उत्पन्न हो जाते हैं, जो अंगों को 'बेडौल' कर देते हैं। इस कोटिंग का इस्तेमाल करने पर इस समस्या की आंशका नहीं रहेगी। इस साइड इफेक्ट को चिकित्सकीय भाषा में 'एधेसन' कहते हैं। जले हुए घावों के इलाज के लिए अमरीकी विशेषज्ञ 'सिलिकॉन स्प्रे' भी विकसित कर रहे हैं।