बॉडी एंड सॉल

बॉडी क्लॉक के हिसाब से करेंगे दवाओं का सेवन तो होगा ज्यादा असर

चिकित्सा विज्ञान की नई शाखा 'ड्रग क्रोनोथैरेपी'के अनुसार इसका अधिकतम लाभ लेने व साइड इफैक्ट्स कम करने के लिए दवा को शरीर की जैविक घड़ी के अनुसार लेना जरूरी है। यह जैविक घड़ी नींद, हार्मोन व शारीरिक प्रणाली को नियंत्रित करती है।

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Jul 17, 2019
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चिकित्सा विज्ञान की नई शाखा 'ड्रग क्रोनोथैरेपी'के अनुसार इसका अधिकतम लाभ लेने व साइड इफैक्ट्स कम करने के लिए दवा को शरीर की जैविक घड़ी के अनुसार लेना जरूरी है। यह जैविक घड़ी नींद, हार्मोन व शारीरिक प्रणाली को नियंत्रित करती है।

किसी भी बीमारी के इलाज में रोग की सही जांच-दवाइयां तय करने के साथ दवा लेने का सही समय भी जरूरी है। चिकित्सा विज्ञान की नई शाखा 'ड्रग क्रोनोथैरेपी'के अनुसार इसका अधिकतम लाभ लेने व साइड इफैक्ट्स कम करने के लिए दवा को शरीर की जैविक घड़ी के अनुसार लेना जरूरी है। यह जैविक घड़ी नींद, हार्मोन व शारीरिक प्रणाली को नियंत्रित करती है। पेट में रात 10 से 2 बजे तक दिन के मुकाबले 2 से 3 गुना एसिड ज्यादा बनता है।

लक्षण हैं अहम-
चिकित्सकों के अनुसार नॉन स्टेरॉयड ड्रग्स जैसे नेप्रोक्सेन ओस्टियोआर्थराइटिस के लिए दी जाती हैं। इसे दर्द से कुछ घंटे पहले लें। जैसे दोपहर में दर्द अधिक होता है तो इसे सुबह 8-10 बजे के बीच, शाम को दर्द रहे तो दोपहर 12 से 1 व रात में दर्द हो तो शाम 4 से 5 के बीच दवा लें।

सुबह (मॉर्निंग पिल्स)
अवसादरोधी दवाएं -
ऐसी दवाइयों में सेलेक्टिव सेरोटोनिन रियूप्टेक इंहिबिटर्स जैसे खास तत्त्व होते हैं जो नींद में खलल डालने जैसे दुष्प्रभाव छोड़ते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ इन्हें जागने के बाद लेने की सलाह देते हैं।

ओस्टियोपोरोसिस की दवाएं -
इन्हें शरीर आसानी से अवशोषित नहीं कर पाता। चिकित्सक इन्हें सुबह खाली पेट पानी से लेने की सलाह देते हैं। इसे लेने के एक घंटे बाद ही नाश्ता करें।

रात में भोजन के बाद जलनरोधी दवाएं-
पेट में रात 10 से 2 बजे के बीच अधिक एसिड बनता है। ऐसे में एसिड घटाने वाली दवा ले रहे हैं तो इसे खाना खाने के आधा घंटा पहले लें। इससे पेट में एसिड बनने की प्रक्रिया धीमी होगी।

एलर्जीरोधी दवाएं-
एलर्जीरोधी दवा जैसे क्लैरिटिन लेने के 8-12 घंटे बाद अधिक असर दिखाती हैं। इसे रात में खाने के बाद लें ताकि सुबह एलर्जी की तीव्रता न बढ़े।

सोने से तुरंत पहले-
कोलेस्ट्रॉलरोधी दवाएं
लीवर में कोलेस्ट्रॉल का उत्पादन आधी रात के वक्त अधिक व सुबह से दोपहर तक कम होता है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल घटाने वाली दवाएं (स्टेटिन) रात को सोते समय ही ली जानी चाहिए।

ब्लडप्रेशर की दवाएं -
आमतौर पर बीपी दिन में अधिक व रात में कम होता है। कुछ बीपीरोधी दवाएं रात में सोने से तुरंत पहले लेने की सलाह देते हैं ताकि दिन में भी बीपी नियंत्रित रहे।

Updated on:
16 Jul 2019 07:03 pm
Published on:
17 Jul 2019 09:18 am