बॉडी एंड सॉल

टूटी हड्डी जोड़ने में कारगर है हड़जोड़ का पौधा, आैर भी हैं फायदे

हड़जाेड़ ( Hadjod ) को आयुर्वेद में हड्डी जोड़ने की कारगर दवा बताया गया है, इसे अस्थि संधानक या अस्थिशृंखला ( asthisamharaka ) के नाम से भी जानते हैं
2 min read
• •
Aug 21, 2019
टूटी हड्डी जोड़ने में कारगर है हड़जोड़ का पौधा, आैर भी हैं फायदे
टूटी हड्डी जोड़ने में कारगर है हड़जोड़ का पौधा, आैर भी हैं फायदे

हड़जाेड़ ( Hadjod ) को आयुर्वेद में हड्डी जोड़ने की कारगर दवा बताया गया है। इसे अस्थि संधानक या अस्थिशृंखला ( asthisamharaka ) के नाम से भी जानते हैं। यह छह इंच की खंडाकार बेल होती है। इसके हर खंड से एक नया पौधा पनप सकता है। हृदय के आकार जैसी दिखने वाली पत्तियों वाले इस पौधेे में लाल रंग के मटर के दाने के बराबर फल लगते हैं। जानते हैं इसके बारे में:-

उपयोग और लाभ
भूरे रंग का हड़जाेड़ ( Cissus quadrangularis ) पौधा स्वाद में कसैला और तीखा होता है। इसकी बेल में हर 5-6 इंच पर गांठ होती है। इस पौधे की प्रकृति गर्म होती है। जैसा कि इसके नाम से ही साफ है कि यह टूटी हड्डियों को जोड़ने मेंं कारगर है ( plants used for healing of bone fracture )। यह खाने और लगाने दोनों में काम आता है।

ऐसे लें :
250-500 मिलीग्राम की मात्रा में सुबह-शाम दूध के साथ लें। इसका रस निकालकर ठंडे दूध के साथ ले सकते हैं। इसका 5-6 अंगुल तना लेकर बारीक टुकड़े काटकर काढ़ा बना लें व सुबह-शाम पीएं।

खास बातें : हड़जाेड़ ( veld grape ) में सोडियम, पोटैशियम, कार्बोनेट भरपूर पाया जाता है। इसमें मौजूद कैल्शियम कार्बोनेट और फॉस्फेट हड्डियों को मजबूत करता है। आयुर्वेद सेंट्रल लैब के एक शोध में पाया गया कि हड़जाेड़ ( devil's backbone ) के उपयोग से हड्डी के जुड़ने का समय 33-50 फीसदी तक कम हो जाता है। यानी प्लास्टर के साथ हड़जाेड़ ( pirandai ) लिया जाए तो हड्डी जल्दी जुड़ती है। ये हड्डियों को लचीला भी बनाता है इसलिए इसका प्रयोग खिलाड़ी भी करते हैं।

अन्य लाभ : हड़जाेड़ ( adamant creeper ) का पौधा प्राकृतिक एनाबॉलिक हार्मोंस को नियंत्रित रखता है जिससे यह ऑस्टियोपोरोसिस रोग से बचाता है। इसमें कीटोस्टेरॉयड्स पाए जाते हैं जो कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी नियंत्रित रखते हैं। इस पौधे की खासियतों में सूजन घटाना, जोड़ों मेंं दर्द दूर करना और हड्डियों को मजबूती देना शामिल हैं। इस पौधे को एक दर्द निवारक के रूप में भी इस्तेमाल में ले सकते हैं। बहुगुणी होने के कारण इसे आसानी से घर पर भी उगाया जा सकता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
21 Aug 2019 10:52 am