
ग्रमी के माैसम में सूरज की तेज किरणें त्वचा के साथ आंखों को भी प्रभावित करती हैं। इन दिनों बच्चों से लेकर बड़ों में एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस के मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। जिससे उनकी आंखों में खुजली, लालिमा, आंखों का चिपचिपा होना और धुंधला दिखाई देने जैसी परेशानियां होने लगती है। जानें कैसे रख सकते हैं आंखें स्वस्थ-
प्रमुख कारण
तापमान के बढ़ने से गर्मी के बैक्टीरिया और वायरस की वृद्धि भी ज्यादा हो जाती है। ऐसे में धूलभरे वातावरण में रहने व ड्राइविंग के दौरान ये कीटाणु धूल-मिट्टी के साथ मिलकर आंखों के विभिन्न हिस्सों को प्रभावित करते हैं। जिससे संक्रमण व रोगों की आशंका बढ़ जाती है।
लक्षण
आंखों या इनकी झिल्ली में सूजन के अलावा खुश्की और जलन होने लगती है। साथ ही आंखों का रंग लाल हो जाता है। कई बार आंखों में तनाव की स्थिति बनने से नींद न आने की समस्या भी होने लगती है।
इलाज व बचाव
यदि आंखों में खुश्की के अलावा बार-बार पानी आने की समस्या और जलन की दिक्कत होती है तो ल्यूब्रिकेंट आई ड्रॉप डालने की सलाह देते हैं। इसके अलावा यदि आंखों में बैक्टीरियल या वायरल इंफेक्शन और सूजन पाई जाती है तो एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल ड्रॉप डालने की सलाह देते हैं।
बचाव: घर से बाहर निकलते समय आंखों को तेज रोशनी से बचाने के लिए सनग्लासेज पहनें। गंदे हाथों से आंखें न छुएं। आंखों को दिन में 4-5 बार ठंडे पानी से धोते रहें।