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पोषक तत्वों का खजाना है दूध

वर्ल्ड मिल्क डे (World Milk Day) यानी विश्व दुग्ध दिवस 1 जून को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। 2001 से हर साल 1 जून को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य दूध पर ध्यान केंद्रित करने और दुग्ध उद्योग से जुड़ी गतिविधियों को प्रचारित करने का अवसर प्रदान करना है। दूध स्वास्थ्य के लिए दूध जरूरी है।
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Jun 01, 2019
वर्ल्ड मिल्क डे (World Milk Day)
World Milk Day

दूध रोज और हर दिन पीए
भारत में वर्ल्ड मिल्क डे (World Milk Day) थीम 2019 दूध रोज और हर दिन पीना चाहिए Drink Milk: Today & Everyday है। दूध विटामिन, कैल्शियम, प्रोटीन, नियासिन, फॉस्फोरस और पोटैशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है।
दूध पौष्टिकता की दृष्टि से मात्र सम्पूर्ण आहार
आयुर्वेद के अनुसार एक गिलास दूध है सम्पूर्ण आहार। दूध पौष्टिकता की दृष्टि से मात्र सम्पूर्ण आहार है। हमारे शरीर को लगभग तीस से अधिक तत्वों की आवश्यकता होती है। कोई भी अकेला पेय या ठोस भोज्य पदार्थ प्रकृति में उपलब्ध नहीं है जिससे इन सबको प्राप्त किया जा सके। लेकिन दूध से लगभग सभी पोषक तत्व प्राप्त हो जाते हैं। इसलिए बच्चों के लिए सन्तुलित व पूर्ण भोजन का स्तर दिया गया है। दूध में पानी, ठोस पदार्थ, वसा, लैक्टोज, प्रोटीन, खनिज वसाविहिन ठोस संघटक हैं। दूध सम्पूर्ण आहार के साथ-साथ जल्दी खराब हो जाने वाला पेय है। इसलिए दूध के स्वरूप को बदल कर हम ज्यादा दिनों तक रख सकते हैं

आयुर्वेद के अनुसार ऐसा हो आहार
आयुर्वेद के अनुसार आहार ऋतु, उम्र और प्रकृति के आधार पर लें। जैसे बच्चे को गाय का दूध तो बड़ों को भैस का दूध देना होता है। हर व्यक्ति को भूख से कम खाना होता, इससे पाचन ठीक रहता है। ऋतु के अनुसार खाने से बीमारियां नहीं होती है, अन्य लाभ भी हैं। दूध से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है व कई बीमारियों से भी बचाव होता है।

मानसिक रोगों में लाभ
खाने में सात्विक आहार जैसे गाय का घी और दूध लें। फलों में केले खाने चाहिए, भरपूर मात्रा में पोटैशियम होता है। दूध को जरूरत के अनुसार पिया जा सकता है। इसके कई लाभ है।

एनर्जी का अच्छा स्रोत है
ब्रेक फास्ट में दूध, मक्खन और घी का उपयोग खाने में अधिक करें।
प्रोटीन एनर्जी का अच्छा स्रोत है, दाल, फिश, चिकन, मटन और अंडा लें।
डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दूध, दही और पनीर को खाने में अधिक लें। खजूर या छुहारे को दूध में उबालें, रात को सोने से पहले चबाकर खाएं। उस दूध को पी लें, दो-तीन महीने तक लगातार खाने से फायदा होगा