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अजमल कसाब की ‘मटन बिरयानी’ वाली कहानी पर उज्जवल निकम ने तोड़ी चुप्पी, बताया- क्यों बनाई थी झूठी कहानी, फिल्म ‘प्रहार’ में खुलेंगे कई राज

Prahaar The Ujjwal Nikam Story: राजकुमार राव की फिल्म 'प्रहार' सिनेमाघरों में शुक्रवार यानी 16 अक्टूबर को रिलीज के लिए तैयार है। इसी बीच वकील उज्जवल निकम ने अजमल कसाब की मटन बिरयानी वाली मांग के बारे में बात की है। आखिर क्यों उन्होंने वो झूठी कहानी बनाई थी, उज्जवल ने बताया है।
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Oct 15, 2026
Prahaar - The Ujjwal Nikam Story
अजमल कसाब- उज्जवल निकम (फोटो सोर्स- ANI)

Prahaar - The Ujjwal Nikam Story: 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दोषी अजमल कसाब से जुड़ी मटन बिरयानी की कहानी एक समय देशभर में सुर्खियों में आ गई थी। कहा गया था कि जेल में कसाब ने मटन बिरयानी की मांग की थी। हालांकि, अब पूर्व विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने एक बार फिर साफ किया है कि यह दावा सच नहीं था। उन्होंने बताया कि उन्होंने ये कहानी इसलिए गढ़ी थी, क्योंकि उन्हें लग रहा था कि 26/11 मामले की सुनवाई के दौरान कसाब के प्रति लोगों में सहानुभूति बढ़ रही है।

उज्ज्वल निकम ने हाल ही में कामिया जानी के शो ‘संडे ब्रंच’ में इस पूरे मामले को याद किया। उनके साथ अभिनेता राजकुमार राव भी मौजूद थे, जो आने वाली फिल्म 'प्रहार: द उज्जवल निकम स्टोरी' में निकम की भूमिका निभा रहे हैं। निकम ने बताया कि पूछताछ के बाद उन्होंने मीडिया से कहा था कि कसाब ने जेल में मटन बिरयानी मांगी है। देखते ही देखते यह खबर ब्रेकिंग न्यूज बन गई।

सरकारी वकील से क्यों कहता कसाब

निकम के मुताबिक, इसके बाद लोगों के बीच चर्चा होने लगी कि इतने लोगों की हत्या के आरोपी आतंकवादी को जेल में बिरयानी की मांग करने की क्या जरूरत थी। अगले दिन यह मामला अदालत में भी पहुंच गया। कसाब के वकील ने कथित तौर पर सवाल उठाया कि अगर कसाब को बिरयानी चाहिए थी तो वह अपने वकील से मांग करता, सरकारी वकील से क्यों कहता।

निकम ने अदालत में कसाब की पृष्ठभूमि और खान-पान का हवाला देते हुए कहा था कि वह पाकिस्तान से आया है और मांसाहारी भोजन खाता है। हालांकि, जब जज ने कसाब से पूछा कि क्या उसने मटन बिरयानी मांगी थी, तो कसाब ने कोई जवाब नहीं दिया। निकम ने अब कहा कि उस समय यह स्पष्ट नहीं हुआ कि उसने वास्तव में बिरयानी मांगी थी या नहीं।

'कसाब ने मटन बिरयानी नहीं मांगी थी'

इस कहानी की असलियत निकम ने साल 2015 में सार्वजनिक रूप से स्वीकार की थी। उन्होंने कहा था कि कसाब ने न तो मटन बिरयानी मांगी थी और न ही सरकार ने उसे बिरयानी परोसी थी। उनके मुताबिक, उन्होंने यह कहानी उस समय गढ़ी थी जब उन्हें लगा कि कसाब के प्रति एक भावनात्मक माहौल बन रहा है।

निकम ने उस घटना को भी याद किया जब अदालत में कसाब ने अपना सिर झुकाकर आंखें पोंछी थीं। मीडिया ने उसके हाव-भाव को तुरंत नोटिस किया और खबर चलने लगी कि कसाब की आंखों में आंसू थे। वह दिन रक्षाबंधन का था, इसलिए यह चर्चा होने लगी कि शायद कसाब अपनी बहन को याद कर भावुक हो गया है। निकम के अनुसार, कुछ लोगों ने तो यह सवाल तक उठाना शुरू कर दिया था कि क्या कसाब वास्तव में आतंकवादी था।

इसलिए कही थी मटन बिरयानी मांगने वाली बात

निकम ने बताया कि उन्हें लगा कि इस तरह का भावनात्मक माहौल रोकना जरूरी है और इसी के बाद उन्होंने कसाब के मटन बिरयानी मांगने वाली बात मीडिया में कही। बाद में उन्होंने खुद स्वीकार किया कि यह दावा वास्तविकता पर आधारित नहीं था।

अब यह पूरा प्रसंग एक बार फिर चर्चा में है, क्योंकि उज्ज्वल निकम के जीवन और कसाब के खिलाफ 26/11 मुकदमे में उनकी भूमिका पर बनी फिल्म 'प्रहार: द उज्जवल निकम स्टोरी' में राजकुमार राव मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म 16 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

Updated on:
15 Oct 2026 09:05 am
Published on:
15 Oct 2026 09:05 am