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Bundi : सर्वे सूची में 76 हजार लाभार्थी, 30 प्रतिशत नाम काट दिए

प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर वर्ष 2024 में हुए सर्वे के बाद ग्राम सभाओं में अनुमोदन उपरांत लाभार्थियों के काटे गए नामों ने अधिकारियों के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में आवेदक अपने (प्रपत्र-ब) जमा कराने के लिए ग्राम पंचायतों के साथ जिला परिषद कार्यालय पहुंच रहे हैं, ऐसे में अधिकारियों के लिए यह तय कर पाना मुश्किल हो रहा है कि कौन वास्तविक पात्र है और कौन नहीं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2024 के सर्वे में कुल 76 हजार 483 लोगों के नाम सामने आए थे।
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Jul 10, 2026
Bundi : सर्वे सूची में 76 हजार लाभार्थी, 30 प्रतिशत नाम काट दिए
बूंदी. प्रपत्रों की जांच करते कर्मचारी। पत्रिका

बूंदी. प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर वर्ष 2024 में हुए सर्वे के बाद ग्राम सभाओं में अनुमोदन उपरांत लाभार्थियों के काटे गए नामों ने अधिकारियों के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में आवेदक अपने (प्रपत्र-ब) जमा कराने के लिए ग्राम पंचायतों के साथ जिला परिषद कार्यालय पहुंच रहे हैं, ऐसे में अधिकारियों के लिए यह तय कर पाना मुश्किल हो रहा है कि कौन वास्तविक पात्र है और कौन नहीं।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2024 के सर्वे में कुल 76 हजार 483 लोगों के नाम सामने आए थे। इनमें 69 हजार 475 स्वयं लाभार्थियों द्वारा भरे गए थे, जबकि 7 हजार 8 नाम सर्वेयरों द्वारा दर्ज किए गए थे। हाल ही में 29 जून को पंचायत मुख्यालयों पर हुई ग्राम सभाओं में प्रशासकों एवं ग्राम विकास अधिकारियों (वीडीओ) द्वारा ड्राफ्ट वरीयता सूची का अनुमोदन किया गया। इस प्रक्रिया में करीब 30 फीसदी से अधिक लोगों के नाम सूची से हटा दिए गए।

नाम काटे जाने के बाद ग्राम पंचायतों में वीडीओ और सरपंचों के पास शिकायतों का ढेर लग गया है। सक्षम होने के बावजूद भी कई लोग आवास की मांग कर रहे हैं। यदि जिले में 50 हजार आवास भी स्वीकृत होते हैं, तो इसके लिए 7 अरब 88 करोड़ 95 लाख रुपए की आवश्यकता होगी। उल्लेखनीय है कि पिछले आठ सालों में प्रधानमंत्री आवास पर इतनी ही राशि, यानी 7 अरब 88 करोड़ 95 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं।

लाभार्थियों का आरोप

प्रधानमंत्री आवास योजना की सर्वे सूची जारी कर दी गई है। इसमें जिले की पांच पंचायत समितियों में 76 हजार 483 आवास लाभार्थियों के नाम शामिल हैं। लाभार्थियों के नाम काटे जाने से विरोध के स्वर: तेज हो गए है। लोगों का आरोप है कि राजनीतिक कारणों या आपसी द्वेषता के चलते नाम काटे गए हैं। आवासहीन, एक-दो कमरे, कच्ची छत वाले अवासधारी के नाम सूची में शामिल होने चाहिए थे। हर रोज कलक्ट्रेट में ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे है। आपत्तियों के बाद अब ग्राम पंचायतों द्वारा अंतिम सूची जिला परिषद को भेजी जा रही है।

आठ साल में 50 हजार आवास बनाए

पीएम आवास योजना के तहत 2016 के बाद अब तक 50 हजार 19 आवास बनाए गए हैं। जबकि 67 हजार 327 स्वीकृत हुए थे। 17 हजार &08 आवास बनना शेष है। अब तक प्रत्येक आवास के लिए करीब 1.50 लाख रुपए का बजट दिया जाता है। इसमें 1.20 लाख रुपए, श्रम मद, और शौचालय की राशि शामिल है। ऐसे में अब तक 7 अरब 88 करोड़ रुपए खर्च कर दिए हैं। ङ्क्षहडोली में सबसे ज्यादा 16 हजार 174 एवं सबसे कम तालेड़ा में 4164 आवास बने है। इसी तरह बूंदी में 8245, के.पाटन में 14 हजार 268 एवं नैनवां में 7 हजार 168 आवास बने है। पूर्ण आवास का प्रतिशत 74.80 फीसदी है। जबकि वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में आवास स्वीकृत नहीं हुए है।

सर्वे सूची में नैनवां में सर्वाधिक आवास

बूंदी जिले में हुए सर्वे में नैनवां क्षेत्र में सर्वाधिक 23,824 आवास दर्ज किए गए हैं। वहीं सबसे कम तालेड़ा में 7,686 आवास चिन्हित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त बूंदी में 12,&49, हिण्डोली में 20,045 और केशवरायपाटन में 12,579 आवास शामिल है।

25 हजार से अधिक लाभार्थियों की किश्तें लंबित

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को मिलने वाली किश्तों का भुगतान लंबित चल रहा है। आंकड़ों के अनुसार दूसरी किश्त की राशि 8,942 लाभार्थियों को नहीं मिल पाई है, जबकि तीसरी किश्त के करीब 16,722 लाभार्थियों का भुगतान अटका हुआ है। वहीं, पहली किश्त के 243 लाभार्थी भी अभी तक अपनी राशि का इंतजार कर रहे हैं। कुल मिलाकर, 25 हजार से अधिक लाभार्थियों को प्रधानमंत्री अवास योजना के तहत किश्तों का भुगतान नहीं हो पाया है, जिससे उनके आवास निर्माण में देरी हो रही है।

नियमानुसार होगी कार्रवाई

लोगों की आपंत्तिया ली जा रही है, वे प्रपत्र-ब भर रहे है, उनकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रमेश देव, कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, बूंदी

Updated on:
10 Jul 2026 05:52 pm
Published on:
10 Jul 2026 05:52 pm