
बूंदी. अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा के तत्वावधान में शनिवार को नैनवां रोड स्थित अलगोजा रिसॉर्ट में जिला स्तरीय अन्तरराष्ट्रीय बालिका दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम ‘‘बाल विवाह समाप्त करें एवं बालिकाओं के अधिकारों में निवेश करें’’ रही। इसमें जिले से लगभग 150 बालिकाओं और 25 शिक्षिकाओं सहित 300 लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक रामगोपाल मीणा और सहायक आचार्य हेमलता टांक ने दीप प्रज्वलन कर किया। रामगोपाल मीणा ने बालिका शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रथम सत्र में हेमलता ने बालिका संरक्षण, सुरक्षा एवं अधिकारों पर प्रेरणादायी वार्ता दी, बालिकाओं को जागरूक रहने और शोषण के विरुद्ध सजग रहने को प्रेरित किया। शिक्षिका मोनिका लोधा ने गुड टच एवं बैड टच की जानकारी दी। इनरव्हील क्लब की चार्टर प्रेसिडेंट रेखा शर्मा ने अभिभावकों से बालिकाओं के साथ मित्रवत व्यवहार करने का आव्हान किया।
बाल शिक्षा प्रभारी एवं कार्यक्रम अधिकारी लोकेश वशिष्ठ ने बताया कि किशोरी मेले में बालिकाओं ने अपने मॉडल और रचनात्मक कार्य प्रदर्शित किए। मास्टर ट्रेनर्स ने बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया। राजकीय स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल, ङ्क्षहडोली की तीन प्रतिभावान बालिकाओं को खेल उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया, जिनमें दो नेशनल चैंपियनशिप शूङ्क्षटग और एक स्टेट गोल्ड मेडल विजेता रही। सहायक परियोजना समन्वयक कनक शर्मा ने बालिकाओं को शिक्षित, आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।
नेशनल एथलीट कृष्णा ने अपनी प्रेरणादायी सफलता की कहानी साझा कर बालिकाओं में नई ऊर्जा का संचार किया। बालिकाओं ने नृत्य प्रस्तुत किया। समापन सत्र में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सीमा पोद्दार ने बाल विवाह को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा में बाधा बताते हुए समाज से इसके विरुद्ध एकजुट होने का आव्हान किया। सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक तेजकंवर ने नारी को शक्ति स्वरूपा बताते हुए अपनी शक्ति पहचानने का संदेश दिया। कार्यक्रम में शिक्षा, खेल और नवाचार में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 150 बालिकाओं और 25 शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। अंत में सभी को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ दिलाई गई।