बूंदी

बूंदी क्राइम: शराब के नशे में छोटे भाई ने की बड़े भाई की हत्या, बुजुर्ग पिता का रो-रोकर बुरा हाल

बूंदी जिले में केशवरायपाटन क्षेत्र के ईश्वरनगर गांव में शराब के नशे में दो भाइयों के बीच विवाद हो गया। छोटे भाई ने लोहे के एंगल से बड़े भाई पर हमला कर दिया। कोटा में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया।
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Updated: 23 Oct 2026, 12:31 PM IST
bundi keshoraipatan murder
रोती-बिलखती घर की महिलाएं (पत्रिका फोटो)

Bundi Keshoraipatan Murder: केशवरायपाटन (बूंदी): नशा किसी भी प्रकार का हो, जिस परिवार में घुस जाता है, वहां रिश्ते तार-तार हो जाते हैं। नशे की लत ने दो भाइयों के बीच ऐसी खाई पैदा कर दी कि वे रिश्तों को ही भूल गए। छोटा भाई बड़े भाई के खून का प्यासा बन गया। यह दर्दनाक घटना गुरुवार रात केशवरायपाटन उपखंड के ईश्वरनगर गांव में हुई। जहां छोटे भाई ने बड़े भाई पर लोहे के एंगल से प्राणघातक हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। घरेलू कलह को लेकर हुए मामूली विवाद के बाद दोनों भाइयों के बीच मारपीट हुई, जिसमें छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या कर दी।

थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया, ईश्वरनगर निवासी चेतराम मीणा (48) और रामहेत मीणा के बीच गुरुवार रात आपसी कहासुनी हुई थी। दोनों शराब के नशे में धुत थे। मामूली घरेलू कहासुनी के दौरान रामहेत मीणा ने अपने बड़े भाई चेतराम मीणा (46), पुत्र लटूरलाल मीणा पर लोहे के एंगल से प्राणघातक हमला कर दिया।

हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे उपचार के लिए कोटा लेकर गए, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने हत्या के आरोप में रामहेत को राउंडअप कर लिया है। घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस ने मौका नक्शा तैयार किया।

अब बचा एक पुत्र

ईश्वरनगर निवासी मृतक चेतराम मीणा के दो पुत्र और एक पुत्री थी। उसके बड़े पुत्र लीलाशंकर (17) की चार साल पहले डेंगू से असामयिक मृत्यु हो गई थी। पुत्री पूजा की शादी हो चुकी है। चेतराम अपने छोटे पुत्र 15 वर्षीय गणेश के साथ अलग रहता था। चार भाइयों में चेतराम सबसे बड़ा था। उसके दो भाई पिता लटूरलाल मीणा के साथ रहते हैं। आरोपी रामहेत मीणा भी उसी पैतृक मकान में रहता है।

शराब ने छीन रखी थी शांति

ईश्वर नगर निवासी लटूरलाल मीणा के चार पुत्रों में से दो नशे के आदी थे। शराब पीने के बाद वे अपने रिश्तों को भूल जाते थे। कई बार पिता और पुत्रों के बीच भी मारपीट होती रहती थी। इससे मोहल्ले के लोग भी उनकी हरकतों से परेशान रहते थे। परिवार में आए दिन गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं होती रहती थीं।

Updated on:
23 Oct 2026, 12:31 PM IST
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