बूंदी

फायरिंग के दौरान कोर्ट परिसर में हाईटेक हथियारों से लेस थे चार अपराधी

पुलिस ने की चारों की पहचान, तीन 'अपाचेÓ बाइक पर भागे, राकेश की हत्या का था इरादा, बूंदी से जुड़े बताए गैंग के तार
2 min read
Dec 07, 2017
Four fugitives laced with high-tech weapons in court premises firing

बूंदी. राजस्थान मेंं अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। छोटे क्रिमिनल से लेकर बड़े गैंगस्टरों के क्राइम और गैंगवार से राजस्थान अक्सर जूझता रहता है। लेकिन राजस्थान में अपराधी अब हाईटेक हो चले हैं,क्योंकि बूंदी में एक बार फिर अवैध हथियारों की तस्करी सिरदर्द बन गयी है। राजस्थान में अत्याधुनिक अवैध हथियारों की खेप बरामद की जा चुकी है और जो हथियार अपराधियों तक पहुंच गए उसका कोई आंकड़ा भी मौजूद नही है।

तीन दिन पहले बूंदी कोर्ट परिसर में हुई अंधाधुध फायरिंग के बाद शहर की आबोहवा खराब हो गई। जिला न्यायालय परिसर में अंधाधुंध फायरिंग और गैंगस्टर राकेश को गोली मारने के दौरान तीन नहीं चार अपराधी थे, जो हाइटेक हथियारों से लेस थे। पुलिस ने चारों अपराधियों की पहचान की पुष्टि कर ली। इनमें से तीन जने वारदात को अंजाम देने के बाद 'अपाचे' बाइक पर भाग निकले, जबकि चौथा साथी कोर्ट परिसर में ही मौजूद रहा। इन सभी अपराधियों के पास आधुनिक हथियार थे। चौथा साथी घटना के बाद कोर्ट परिसर से निकला बताया।


जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों ने चारों की पहचान कर ली है। गोली चलाने वाले तो हरियाणा के रोहतक के थे। पुलिस ने बाइक की तलाश शुरू कर दी है। इस मामले में बूंदी के पुलिस उपअधीक्षक समदर सिंह ने बताया कि लोगों को कहीं अपाचे बाइक संदिग्ध हाल में पड़ी मिले तो वह इसकी सूचना पुलिस तक पहुंचाएं। उन्होंने बताया कि गैंग के तार बूंदी के अपराधियों से जुड़े होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। चार अपराधियों की पहचान हो चुकी। अन्य अपराधियों के मौजूद होने की बात से भी फिलहाल इनकार नहीं किया जा सकता।


आईजी ने जाने ताजा हाल
पुलिस महानिरीक्षक विशाल बंसल गुरुवार दोपहर को बूंदी पहुंचे। यहां कोतवाली थाने में पुलिस अधिकारियों से बातचीत की और ताजा हालातों की जानकारी ली। यहां बंसल ने बताया कि पुलिस जांच सही दिशा में हैं। टीमें अपराधियों की तलाश में जुटी हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि अपराधी जल्द पकड़ में आएंगे।


संदिग्ध वाहनों की जांच पर उठे सवाल
बूंदी की ट्रेफिक पुलिस यदि संदिग्ध वाहनों की जांच करती तो शायद अपराधियों की धरपकड़ आसानी से हो जाती। यहां जानकार सूत्रों ने बताया कि बाइक संदिग्ध होने और उस पर तीन जने सवार होने के बावजूद ट्रैफिक पुलिस ने कहीं रोकने की जहमत नहीं उठाई। यहां बताया गया है कि अपराधियों के भागने के दौरान सर्किट हाउस के बाहर ट्रैफिक पुलिस के जवान तैनात थे।


कोर्ट परिसर में बढ़ाई सुरक्षा
बूंदी के कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। यहां गुरुवार को सशस्त्र पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इधर, अभिभाषकों ने जल्द सीसीटीवी लगाए जाने और संदिग्धों पर नजर रखी जाने की भी मांग उठाई है।


दो दिन कहां पर रुके?
फायरिंग के आरोपित ३ दिसम्बर को बूंदी पहुंचे थे। ४ दिसम्बर को उन्होंने अदालत में रैकी की। तीन दिन पहले ही उन्होंने बूंदी से बाइक खरीदी। ५ दिसम्बर को दोपहर २.२० बजे बैरक के निकट उन्होंने गैंगस्टर राकेश पर गोलियां चलाई। उसे तीन गोली लगी। बाद में हमलावर फायर करते हुए भाग छूटे। यहां सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि अपराधी दो दिन तक बूंदी में कहां पर रुके? हालांकि पुलिस की टीम इसे भी जांच रही बताई।

Published on:
07 Dec 2017 11:45 pm