
हिण्डोली. ओवण नदी में खरड़ देह जहां पर तीन करोड़ की लागत से एनीकट निर्माण कार्य करवाया जाएगा। पत्रिका
हिण्डोली. खेराड़ क्षेत्र व जिले के आखरी छोर की ग्राम पंचायत ओवण के निकट ओवण नदी में खरड़ देह के पास जलसंसाधन विभाग ने तीन करोड़ की लागत से एनिकट स्वीकृत किया है। जानकारी के अनुसार वर्ष 25-26 की बजट घोषणा में ओवण नदी पर खरड़ का देह में एनीकट निर्माण की राज्य सरकार ने घोषणा की थी। जिस पर गत दिनों जलसंसाधन विभाग ने स्वीकृति जारी की।
मुख्यमंत्री द्वारा बजट घोषणा के अंतर्गत एनिकटों का निर्माण, मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य के तहत जारी आदेश के बाद कार्यों के तकमीना में प्राथमिकता से केवल जल संरचनाओं की सुरक्षा, क्षमता पुनर्स्थापना, संघालन, जीर्णोद्धार, सुरक्षित जल संग्रहण आवश्यक प्रावधान लिए जाकर कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर भिजवाने के आदेश दिए हैं। पूर्व कृषि मंत्री प्रभु लाल सैनी ने बताया कि गत विधानसभा सत्र मे मुख्यमंत्री को ओवण एनीकट निर्माण के प्रस्ताव भिजवाए थे। जिस 18 जून को जल संसाधन विभाग द्वारा एनीकट निर्माण के लिए 3 करोड रुपए स्वीकृत किए थे।
सैनी ने बताया कि ओवण में खरड़ का देह एनीकट निर्माण के बाद खेराड क्षेत्र में पानी की समस्या नहीं रहेगी। आजादी के बाद जिन गांवों के लोग पानी के लिए परेशान थे। अब उन्हें पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। बसोली भाजपा मंडल के पूर्व अध्यक्ष भैरू प्रकाश नकलक ने बताया कि ओवण व आसपास की पंचायत में गर्मी के समय पानी की समस्या रहती थी। एनीकट निर्माण के बाद गर्मी में भी पानी का स्तर ऊंचा रहेगा। पीने के पानी सहित कृषि में समस्या नहीं आएगी। उन्होंने के पूर्व कृषि मंत्री सैनी का आभार भी जताया।
खरड़ देह एनीकट निर्माण के बाद ग्राम पंचायत ओवण, अमरपुरा, नेहडी की झोपडिय़ां, चावंडिया जाखोली सहित एक दर्जन व भीलवाड़ा जिले के भी एक दर्जन से अधिक गांवों का जलस्तर बढ़ेगा एवं बोरिंगों में जलस्तर अच्छा रहेगा।
ओवण नदी में खरड़ का देह एनीकट बनने पर 2 किलोमीटर लंबाई तक पानी भरा रहेगा। ऐसे में ग्रामीणों, किसानों के साथ-साथ वन्य जीव और पशुओं के लिए भी कारगर सिद्ध होगा।
विभाग द्वारा बजट सत्र में घोषित एनिकट निर्माण की स्वीकृति जारी हुई है। जिसके प्रस्ताव जल्द तैयार किए जाएंगे। ओवण नदी पर बनने वाले एनिकट बनने के बाद एक दर्जन से अधिक गांवों के किसान व ग्रामीणों को सीधा लाभ होगा। साथ में भीलवाड़ा जिले के लोगों को भी राहत मिलेगी।
रोहित बघेरा, जल संसाधन विभाग, बूंदी
Published on:
01 Jul 2026 06:31 pm
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