
बूंदी. राजकीय शिशु गृह में आया के साथ ट्रेन में मिला बच्चा।
बूंदी. जिले के राजकीय शिशु गृह में अपनों द्वारा छोड़े गए एक साल के मासूम को तीन आया का प्यार और देखभाल मिल रही है। मंगलवार को उसका सार्थक नामकरण होने पर शिशु गृह में मिठाई बांटी गई। जानकारी अनुसार 20 जून को आगरा फोर्ट-रतलाम एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में सीट के नीचे करीब एक वर्ष आयु का बालक लावारिस अवस्था में मिला था। कोटा रेलवे स्टेशन पर एक यात्री बयाना निवासी लव कुश ने बालक को सीट के नीचे देखा। बच्चे को रोता देख कर उसने आस पास एवं ट्रेन से उतर कर उसके परिजनों की तलाश भी की, लेकिन कोई नहीं मिला।
लव कुश ने बूंदी स्टेशन पर चाइल्ड हेल्पलाइन टीम को बच्चा सुपुर्द कर दिया। इसके बाद से बच्चे का लालन पालन राजकीय शिशु गृह में किया जा रहा है। शिशु गृह की समन्वयक परिता शर्मा ने बताया कि रेस्क्यू किए जाने के बाद तीन दिन तक बच्चे को जिला अस्पताल में रखा गया। स्वस्थ होने के बाद उसे शिशु गृह में लाया गया। प्रत्येक आठ-आठ घंटे में एक एक आया देखलाल के नियुक्त है, जो बच्चे के डायपर बदलने के साथ उसके खाने दूध पिलाने, नहलाने एवं उसे खिलौनों के साथ मौज मस्ती करवाने का कार्य कर रही है। भीषण गर्मी को देखते हुए बच्चे को वातानूकुलित कक्ष में रखा गया है। तथा आवश्यक होन पर उसे डॉक्टर ऑन कॉल की भी व्यवस्था रखी हुई है। बच्चा कमजोर होने के कारण उसके नियमित मालिश भी करवाई
जा रही है।
रेस्क्यू कर शिशु गृह में लाए जाने के बाद बच्चा तीन दिन तक काफी रोया, लेकिन वह अन्य बच्चों के साथ खेलने लगा है। वहीं आया को पहचानने भी लगा है एवं साथ काफी घुल मिल गया है। तथा उनके इशारे भी समझने लगा है। अब उसके स्वास्थ्य में भी सुधार हो गया है।
बीस जून को बच्चे के ट्रेन में मिलने पर उसके परिजनों को तलाशने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। कोटा से लेकर आगरा तक के सभी स्टेशनों पर बालक का हुलिया बताते हुए सभी सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, लेकिन कहीं से भी बच्चे के परिजनों का पता नहीं चला।
गुलजारी लाल, जीआरपी इंचार्ज, कोटा
दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया शुरू
वर्तमान में बालक पूर्णत: स्वस्थ है तथा उसकी समुचित देखभाल शिशु गृह, बूंदी में की जा रही है। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा समय-समय पर बालक की स्थिति की समीक्षा एवं निगरानी की जा रही है, जिससे उसके सर्वांगीण विकास एवं सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।दत्तक ग्रहण की संपूर्ण प्रक्रिया प्रचलित कानूनों एवं दिशानिर्देशों के अनुरूप संपादित की जाएगी तथा अंतिम अनुमोदन एवं आदेश जिला कलक्टर, बूंदी द्वारा जारी किए जाएंगे।
सीमा पोद्दार, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति, बूंदी
Published on:
01 Jul 2026 12:13 pm
बड़ी खबरें
View Allबूंदी
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
