
अध्ययन करते बच्चे
बूंदी. शिक्षा रैंकिंग में कभी सिरमौर रहने वाला छोटीकाशी बूंदी लगातार पांच माह से टॉप टेन से बाहर हो रहा है। गत रैंकिंग से पिछड़ कर जिला प्रदेश में 15 वें पायदान पर पहुंचा है। 12 बिन्दुओं पर हर माह शिक्षा निदेशालय जिलेवार रैंकिंग जारी करता है। इससे पूर्व जिला अप्रेल माह में 14 वें नंबर पर था। इसमें सीकर जिला पहले पायदान पर पहुंचा है। जबकि जैसलमेर जिला अंतिम पायदान पर रहा। प्रदेश में रैंकिंग का औसत स्कोर 25.61 ही है। बूंदी को 27 स्कोर मिला है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी ब्लॉकों को अपने कार्य में सुधार की जरूरत है। नैनवां व पाटन ब्लॉक रैंकिंग और स्कोर में सुधार करें तो बूंदी जिला रैंकिंग में टॉप पांच में काबिज रहने में पूर्व की तरह सफल रह सकेगा। आश्चर्य की बात तो यह है कि 150 नंबर के अंदर जिले का एक भी ब्लॉक शामिल नहीं हो पाया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय राजस्थान की मई माह की रैंङ्क्षकग रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया कि जिले में शिक्षण व्यवस्था में ज्यादा सुधार की जरूरत है। दफ्तर में बैठे अधिकारियों को मैदान में उतरकर वास्तविक कमियों को जानने और उसमें सुधार करने की जरूरत है।
विद्यालय के द्वारा डोनेशन, प्रतिदिन छात्र उपस्थिति, ऑनलाइन,विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रम और पुरस्कार, लाइब्रेरी पुस्तकों का वितरण, आधार जन आधार ऑथेंटिकेशन, एसएमसी और एसडीएमसी बैठकें, आईसीटी लैब, पंचायत और नामांकन वृद्धि, खेल मैदान का विकास, पीटीएम उपस्थिति, शिक्षण कार्य की गुणवत्ता और निरीक्षण रिपोर्ट, विद्यालय नामांकन और ड्रॉपआउट वर, शिक्षा परिणाम एवं सीखने के स्तर का आकलन आदि बिन्दु शामिल है।
जारी रैंकिंग की बात करें तो सीकर 42 स्कोर के साथ पहले पायदान पर काबिज है। जबकि हनुमानगढ़ (39) दूसरे, झुंझुनूं (39) तीसरे, चूरू (36) चौथे तथा करौली (35) पांचवें स्थान पर रहे। आश्चर्य की बात है कि काफी न्यून स्कोर 42 टॉप के साथ जिला रैंङ्क्षकग शुरू होकर 17 के स्कोर पर समाप्त हो रही है। 24 जिले तो औसत स्कोर 25.61 भी पार नहीं कर पाए। कोई भी जिला प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण नहीं हो सका जबकि 378 में एक ब्लॉक भी प्रथम श्रेणी 60 स्कोर से उत्तीर्ण होने में कामयाब नहीं रहा। जबकि अंतिम स्थान पर रहे प्रतापगढ़ जिले के धारियावाद ब्लॉक का स्कोर मात्र 11.48 स्कोर पर समाप्त हो गया।
ग्रीष्मकालीन अवकाश के कारण विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां संचालित नहीं हो सकी, जिससे विद्यार्थियों की उपस्थिति, शाला संबलन, गृहकार्य एवं ओआरएफ गतिविधियों में अपेक्षित प्रगति संभव नहीं हो पाई। इसके बावजूद बोर्ड परीक्षा परिणामों में बूंदी जिले ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 41 जिलों की रैंकिंग में 15वां स्थान प्राप्त किया है। जुलाई माह से विद्यालयों के पुन: संचालन के साथ ब्लॉकवार प्रभावी मॉनिटरिंग एवं नियमित अनुश्रवण किया जाएगा। जिला रैंकिंग में और अधिक सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन किया जाएगा।
मुकेश कुमार नागर, कार्यक्रम अधिकारी (मॉनिटरिंग) समग्र शिक्षा, बूंदी
Updated on:
16 Jun 2026 11:42 am
Published on:
16 Jun 2026 11:40 am
बड़ी खबरें
View Allबूंदी
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
