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Bundi : सरकार ने तोड़ा जर्जर भवन, ग्रामीणों ने निभाई जिम्मेदारी

देईखेड़ा क्षेत्र की घाट का बराना ग्राम पंचायत के बलदेवपुरा गांव में शिक्षा के प्रति ग्रामीणों की जागरूकता और सहयोग की मिसाल देखने को मिली है। यहां राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय का भवन अत्यधिक जीर्णशीर्ण एवं दुर्घटना की आशंका के चलते सरकारी निर्देशानुसार पूर्व सत्र में जमींदोज कर दिया गया। इसके बाद विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए ग्रामीणों ने जनसहयोग से देवनारायण मंदिर परिसर में टीनशेड, चारदीवारी और शौचालय का निर्माण कराकर विद्यालय संचालन की व्यवस्था कर दी।
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बूंदी

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pankaj joshi

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Updated: 3 Aug 2026, 6:11 PM IST

Bundi : सरकार ने तोड़ा जर्जर भवन, ग्रामीणों ने निभाई जिम्मेदारी

लबान. जनसहयोग से निर्मित टीनशेड के नीचे संचालित कक्षाएं। पत्रिका

लबान. देईखेड़ा क्षेत्र की घाट का बराना ग्राम पंचायत के बलदेवपुरा गांव में शिक्षा के प्रति ग्रामीणों की जागरूकता और सहयोग की मिसाल देखने को मिली है। यहां राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय का भवन अत्यधिक जीर्णशीर्ण एवं दुर्घटना की आशंका के चलते सरकारी निर्देशानुसार पूर्व सत्र में जमींदोज कर दिया गया। इसके बाद विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए ग्रामीणों ने जनसहयोग से देवनारायण मंदिर परिसर में टीनशेड, चारदीवारी और शौचालय का निर्माण कराकर विद्यालय संचालन की व्यवस्था कर दी।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक नीलेश कुमार गुप्ता ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए विभागीय आदेश पर उसे ध्वस्त किया गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग जुटाकर मंदिर परिसर में अस्थायी शिक्षण व्यवस्था तैयार करवाई, जहां वर्तमान में नियमित रूप से कक्षाएं संचालित हो रही हैं। वहीं विद्यालय का कार्यालय और मध्यान्ह भोजन (किचन) सुरक्षित पुराने भवन के उपयोग योग्य हिस्से में संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय के स्थायी भवन निर्माण के लिए करीब पौने दो बीघा भूमि के आवंटन का प्रस्ताव ग्राम पंचायत के सहयोग से तैयार कर प्रशासन को भेजा जा चुका है।

यह प्रस्ताव फिलहाल उपखंड कार्यालय में लंबित है। इस संबंध में विभाग के उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि भूमि आवंटन की स्वीकृति मिलते ही नए विद्यालय भवन के लिए बजट स्वीकृत होने का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए भूमि आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर नए विद्यालय भवन के निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक नया भवन नहीं बनता, तब तक वे जनसहयोग से विद्यालय की व्यवस्थाएं सुचारु बनाए रखने के लिए हरसंभव सहयोग करते रहेंगे।

जर्जर भवन के जमींदोज होने के बाद से ग्रामीणों द्वारा जनसहयोग से जुटाई गई व्यवस्था में संचालित हो रहा है। करीब 42 छात्रों का नामांकन है। पत्रावली पंचायत के सहयोग से प्रशासन को भिजवा रखा है। भूमि आवंटन पर ही बजट की स्वीकृति मिल पाएगी।
नीलेश कुमार गुप्ता, प्रधानाध्यापक

विद्यालय के लिए भूमि आवंटन पत्रावली प्रशासन को भिजवा रखी है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अवगत करवा कर जल्द आवंटन के लिए प्रयास किए जाएंगे।
कृष्ण मुरारी मीणा, सरपंच घाट का बराणा