कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर लगाई गई एक निजी लैब के कार्मिक रोगियों के जांच के सेंपल ले रहे हैं।
हिण्डोली. कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर लगाई गई एक निजी लैब के कार्मिक रोगियों के जांच के सेंपल ले रहे हैं। लेकिन जांच 2 से 3 दिन में आने में रोगियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार यहां पर एक डायग्नोसिस सेंटर द्वारा चिकित्सालय परिसर के कक्ष में निजी लैब संचालित कर रखी है। यहां पर मशीनें भी आ गई है लेकिन पैक पड़ी हुई है। लैब में प्रतिदिन कई रोगियों के जांच के सैंपल लिए जाते हैं। एक पखवाड़े में अब तक करीब 80 सैंपल लिए जा चुके है।
सूत्रों का कहना है कि यहां से सैंपलिंग बूंदी भेजते हैं एवं बूंदी से सैंपलों की जांच के लिए बारां या झालरापाटन भिजवाई जाती है। ऐसे में जांच रिपोर्ट आने में दो दिन लग जाते हैं। समय लगने से रोगियों का समय पर उपचार नहीं हो पा रहा है।
2 माह से बंद पड़ी बायोकेमेस्ट्री जांच मशीन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लैब कक्ष में दो महीने से बायोकेमेस्ट्री मशीन बंद पड़ी हुई है। बायोकेमेस्ट्री मशीन में चिकित्सालय स्तर पर ही केमिकल खरीद किया जाता था। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से यह मशीन बंद पड़ी होने से 2 महीने से सैकड़ों रोगियों की 13 जांचे नहीं हो पा रहे हैं। सूत्रों की माने तो यहां पर किडनी, लिवर, हार्ट, पीलिया सहित 13 जांच ठप्प पड़ी हुई है। इन जांचों को करवाने के लिए रोगियों को निजी लैबों में जाना पड़ रहा है। जिससे उन्हें काफी राशि खर्च करनी पड़ रही हैं। साथ में रोगियों को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
चिकित्सालय की व्यवस्था में करो सुधार
सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लॉक सीएमओ कार्यालय पहुंचे पूर्व उपप्रधान ऋतुराज पारीक ने ब्लॉक सीएमओ डॉ. राम सिंह मीना से कहा कि यहां की व्यवस्था काफी चरमराई हुई है इसे सुधारे। पारीक ने बताया कि रोगियों की जांच समय पर नहीं आने से उनका उपचार कैसे होगा। यहां पर चिकित्सक नहीं है एक चिकित्सक चार सौ रोगियों को देख रहा है। उन्होंने यहां की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से सुधार की मांग की है।