बूंदी

एक स्कूल ऐसा जिसने कलक्टर को कर दिया चक्कर घिन्नी, बच्चों की अंग्रेजी ऊपर से उड़ गई जानिए कैसे…

औचक निरीक्षण- डेढ घंटा बंद कमरे में स्कूली बच्चों की ली क्लास,परखा हिंदी अंग्रेजी का ज्ञान, शिक्षिकाआं की रिर्पोट कार्ड फेल
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Dec 07, 2017
Teachers report card fails-children can not tell spelling of the name
collector inspecting school


बूंदी-सरकारी पाठशालाओं में बच्चों को बेहतर तालिम को लेकर शिक्षक व संस्था प्रधान कतई गम्भीर नही है। जिला कलक्टर से लेकर शिक्षा उच्च अधिकारियों के निरीक्षण और निर्देश के बावजुद स्कूलों की हालत में सुधार नही हो पा रहा। बुधवार को जिला कलक्टर उस समय शॉक्ड रह गई जब स्कूली बच्चे खुद के नाम की स्पैलिंग तक नही बता पाए यह हाल पांचवी क्लास में पढऩे वाले बच्चों के थे। उनके स्टेंडर्ड को देख जिला कलक्टर शिक्षकों पर बरस पड़ी। शहर के देवपुरा उच्च प्राथमिक विद्यालय की यह स्थिति देखने के बाद उन्होनें कहा कि सिटी में जब बच्चों की शिक्षा के यह हाल है तो बाकि ग्रामीण स्क्ूलों में क्या होगा।

बच्चों में शिक्षा का स्तर कमजोर मिलने पर कलक्टर स्वर्णकार ने जिला शिक्षा अधिकारी(प्रारम्भिक) को लताड़ पिलाई और कहा कि जल्द ही सुधार नही हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्कूल शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए हिंदी और अंग्रेजी के शिक्षकों की जांच करने के निर्देश दिए। कलक्टर ने बताया कि पूरे मामले की जांच के बाद देवपुरा विद्यालय में कार्यरत हिंदी और अंग्रेजी के शिक्षकों को हटाया जाएगा।

औचक निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी तेजकंवर भी साथ रही। सुबह ११ बजे विद्यालय पहुंची कलक्टर शिवांगी स्वर्णकार करीब डेढ घंटा देवपुरा स्क्ूल में बंद कमरे में बच्चों की क्लास ली। उन्होनें बच्चों की हिंदी और अग्रेंजी ज्ञान को परखा। बच्चों को हिंदी में निष्ठा लिखना आया न अंग्रेजी में स्क्ूल की स्पेलिंग यहां तक बच्चे अपने नाम तक की स्पेलिंग नही बता पाए। क्रिसमस शब्द भी नही लिख पाए।


बच्चों की कम मिली उपस्थिति, कोर्स भी अधूरा-
विद्यालय में नामांकन होने के बावजुद बुधवार को ३८ ही बच्चों की उपस्थिति को देख कलक्टर ने नाराजगी जताई। वहीं स्कूली बच्चों से मिली जानकारी के बाद यह भी समाने आया कि कोर्स भी पूरा नही करवाया गया जबकि अर्धवार्षिक परीक्षाएं सर पर है इस मामले को गम्भीर लेते हुए कलक्टर स्वर्णाकर ने संस्था प्रधान बुद्धि प्रकाश पुण्डीर, शिक्षक रश्मि दुबे व विपिन को सख्त हिदायत दी।


में शॉक्ड हुं कि बच्चों को कुछ नही आ रहा। सिटी के स्कूल कि यह हालत है, जो गम्भीर विषय है। बच्चों को बेसिक जानकारी भी। पांचवी क्लास का स्टेंडर्ड यह है कि विषय का नाम तक नही बता पाए। सिलेबस भी कम्पलीट नही। करवाया गया ऐसे में शिक्षकों को जांच कर उन्हें हटाने के निर्देश दिए है। जिला कलक्टर शिवांगी स्वर्णाकर

Published on:
07 Dec 2017 09:03 pm