कारोबार

FACT Share Price 25th August: दोस्त रूस ने दिया सप्लाई का भरोसा तो 15% तक उछल गए फर्टिलाइजर कंपनियों के शेयर

Fertiliser Stocks: रूस की ओर से भारत को खाद की लगातार सप्लाई का भरोसा मिलने के बाद मंगलवार को फर्टिलाइजर कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल आया। FACT के शेयर 15% तक चढ़े, जबकि RCF और पारादीप फॉस्फेट्स में भी जोरदार तेजी दिखी।
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Aug 25, 2026
Fertilizer Stocks
फर्टिलाइजर शेयरों में तेजी देखने को मिली है। (PC: AI)

RCF Share Price: रूस से खाद की सप्लाई को लेकर मिली राहत की खबर ने मंगलवार को फर्टिलाइजर कंपनियों के शेयरों में जान डाल दी। करीब-करीब सपाट बाजार के बावजूद खाद कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। कुछ कंपनियों के शेयरों में 15% तक की तेजी देखने को मिली। सबसे ज्यादा तेजी फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर यानी FACT के शेयर में दिखी। मंगलवार सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर कंपनी का शेयर 15.03 फीसदी चढ़कर 902 रुपये पर पहुंच गया। वहीं, राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (RCF) का शेयर करीब 8% मजबूत हुआ। पारादीप फॉस्फेट्स में 7% से ज्यादा और चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स में करीब 4% की तेजी देखने को मिली।

PC: NSE

क्या है इस तेजी की वजह?

सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार डॉ रवि सिंह ने बताया कि फर्टिलाइजर शेयरों में तेजी की बड़ी वजह रूस का हाल ही में दिया भरोसा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को भरोसा दिया है कि रूस भारतीय किसानों की जरूरत के मुताबिक खाद की सप्लाई जारी रखेगा। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा और कच्चे माल की सप्लाई पर असर पड़ रहा है। ऐसे में रूस का यह आश्वासन भारत के लिए अहम माना जा रहा है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर की रूस यात्रा के दौरान पुतिन ने कहा कि रूस भारतीय किसानों और कृषि क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को खाद की सप्लाई बढ़ाने और आगे भी इसे जारी रखने की तैयारी है। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक, पुतिन ने भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत रिश्तों का भी जिक्र किया। दोनों देशों के बीच सरकारों, संसद और कारोबार समेत कई क्षेत्रों में सहयोग जारी है। जयशंकर ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुतिन से होने वाली आगामी मुलाकातों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच सहयोग का दायरा काफी मजबूत है।

खाद पर सरकार का खर्च भी तेजी से बढ़ा

इस बीच खाद सब्सिडी पर सरकार का खर्च भी तेजी से बढ़ रहा है। वैश्विक बाजार में तैयार खाद और LNG की कीमतें ऊंची रहने के कारण वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती पांच महीनों में ही सरकार करीब 99,000 करोड़ रुपये की खाद सब्सिडी खर्च कर चुकी है। यह पूरे साल के अनुमानित 1.77 लाख करोड़ रुपये के करीब 56% के बराबर है। अगर वैश्विक कीमतों का दबाव बना रहा तो इस साल खाद सब्सिडी का खर्च सरकार के बजट अनुमान से भी ऊपर जा सकता है। सब्सिडी का बड़ा हिस्सा यूरिया के आयात और घरेलू उत्पादन पर खर्च हो रहा है।

अप्रैल-जून में खाद का उत्पादन और आयात घटा

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने का असर भारत में NP और NPK खाद की उपलब्धता पर भी पड़ा है। अप्रैल से जून के बीच इन जटिल खादों का घरेलू उत्पादन सालाना आधार पर 28% घटकर 19.2 लाख टन रह गया। पिछले साल इसी अवधि में उत्पादन 26.64 लाख टन था। आयात में भी बड़ी गिरावट आई है। इस दौरान NP और NPK खाद का आयात करीब 48.5% घटकर 4.9 लाख टन रह गया, जबकि एक साल पहले यह 9.54 लाख टन था। फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है। यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब देश में खरीफ फसलों की बुवाई चल रही है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)

Updated on:
25 Aug 2026 12:32 pm
Published on:
25 Aug 2026 12:30 pm