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ITR Refund: क्यों अटक गया है आपका रिफंड, अब कैसे मिलेगा? इनकम टैक्स विभाग ने बताया तरीका

इनकम टैक्स विभाग का कहना है कि वो टैक्सपेयर्स जिनके डिडक्शन या छूट के दावे बिल्कुल सही हैं और कानून के अनुसार सही तरीके से किए गए हैं, उन्हें कोई अतिरिक्त कदम उठाने की जरूरत नहीं है.
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Updated: 24 Dec 2025, 3:29 PM IST
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टैक्सपेयर्स को 31 दिसंबर 2025 तक रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करना होगा. (PC: Canva)

क्या आपको भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से कोई मेल या SMS आया है, जिसमें ये कहा गया है कि आपका रिफंड होल्ड पर डाल दिया गया है, तो आप अकेले नहीं हैं. बीते कुछ दिनों से रिफंड को लेकर टैक्सपेयर्स की शिकायतों से इंटरनेट पटा पड़ा है, जिसमें वो दावा कर रहे हैं कि उन्हें इनकम टैक्स विभाग की तरफ से ई-मेल और/एसएमएस मिला है, जिसमें कहा गया है कि उनके ITR रिफंड को ITR फाइलिंग में पाए गए कुछ ‘मिसमैच’ के कारण होल्ड पर डाल दिया गया है. इसके अलावा टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स से असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए संशोधित ITR दाखिल करने को भी कहा है. इसके लिए आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2025 तय की गई है.

क्यों भेजा गया मेल-SMS, टैक्स विभाग ने बताया


टैक्सपेयर्स की बढ़ती शिकायतों के बीच, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मंगलवार को कहा कि कुछ टैक्सपेयर्स ने ऐसे डिडक्शन या एग्जेम्पशन का लाभ लेकर रिफंड का दावा किया है, जिनके वो पात्र नहीं थे, जिसके चलते उनकी आय कम दर्शाई गई. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बताया कि इस फ्रेमवर्क में वो मामले भी शामिल हैं, जहां रजिस्टर्ड लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को की गई फर्जी दान राशि के आधार पर, या अन्य अयोग्य डिडक्शन और एग्जेम्पशन क्लेम ITR में किए जाने की आशंका पाई गई है. साथ ही, कुछ मामलों में यह भी देखा गया है कि दान लेने वालों के गलत या अमान्य PAN दर्ज किए गए हैं. वहीं, कुछ मामलों में डिडक्शन या छूट की सीमा को लेकर भी गलतियां पाईं गईं हैं.

टैक्सपेयर्स अब क्या करें, रिफंड कैसे मिलेगा


अब सवाल ये है कि टैक्सपेयर क्या करें, अगर उन्हें रिफंड लेना है तो क्या करना होगा. इनकम टैक्स विभाग ने बताया कि ऐसे टैक्सपेयर्स से SMS और ई-मेल के जरिए ‘NUDGE’ अभियान के तहत संपर्क किया गया है, ताकि वे इन गलतियों को सुधार सकें. इसके लिए टैक्सपेयर्स को 31 दिसंबर 2025 तक रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने का वक्त दिया गया है. आयकर विभाग ने साफ किया है कि रिस्क एनालिटिक्स के आधार पर चिन्हित किए गए ऐसे डिडक्शन और एग्जेम्पशन क्लेम्स की टैक्सपेयर्स खुद ही जांच करें और उसे ठीक करें. ताकि आगे किसी तरह की पूछताछ से बचा जा सके.

किन टैक्सपेयर्स को राहत


इनकम टैक्स विभाग का कहना है कि वो टैक्सपेयर्स जिनके डिडक्शन या छूट के दावे बिल्कुल सही हैं और कानून के अनुसार सही तरीके से किए गए हैं, उन्हें कोई अतिरिक्त कदम उठाने की जरूरत नहीं है. विभाग ने यह भी साफ किया है कि जो टैक्सपेयर्स इस मौके का लाभ नहीं उठाते, वे 1 जनवरी 2026 से अपने रिटर्न को अपडेट कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त टैक्स लायबिलिटी का भुगतान करना होगा.

अबतक 15 लाख ITRs दाखिल


इनकम टैक्स विभाग ने बताया कि अबतक असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए 15 लाख से ज्यादा रिटर्न पहले ही प्रोसेस्ड किए जा चुके हैं. साथ ही, विभाग ने कहा कि अलग से 21 लाख से अधिक टैक्सपेयर्स ने असेसमेंट ईयर 2021-22 से 2024-25 तक अपने ITR अपडेट किए हैं और चालू वित्तीय वर्ष में उन्होंने 2,500 करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स भुगतान भी किया है.

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24 Dec 2025, 3:29 PM IST
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