
IMF India Growth Forecast: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर युद्ध, महंगे कच्चे तेल और अनिश्चित अंतरराष्ट्रीय हालात का दबाव बना हुआ है। इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भरोसा जताया है। संस्था ने भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। घरेलू मांग की मजबूती और सेवा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन ने इस उम्मीद को आधार दिया है। खास बात यह है कि दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भारत की विकास गति अधिक रहने का अनुमान है।
IMF ने साफ कहा कि भारतीय इकॉनमी की तेजी बाकी देशों से अलग है वजह है मजबूत डेमोग्राफिक, बड़ा और लगातार बढ़ता घरेलू बाजार, और स्ट्रक्चरल सुधार जो इकॉनमी को ताकत दे रहे हैं।
2027-28 के लिए भी IMF ने GDP ग्रोथ का अनुमान 7% रखा है, जो पहले जुलाई में जताए गए 6.7% से ज्यादा है। खास बात ये है कि ये ग्रोथ अनुमान ऐसे वक्त बढ़े हैं जब दुनिया रूस-यूक्रेन युद्ध, US-ईरान तनाव जैसी जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं और महंगे तेल से जूझ रही है। IMF का मानना है कि महंगे तेल के बावजूद भारत में घरेलू डिमांड और सर्विस सेक्टर की वजह से इकोनॉमी की रफ्तार बनी हुई है। रिपोर्ट में बताया गया कि अगले दो-तीन साल में क्रूड ऑयल की कीमतें ऊपर-नीच होंगी 2026 में औसतन करीब $95.74 प्रति बैरल और 2027 में थोड़ा गिरकर $87.39 तक आ सकती है।
फिलहाल भारत पूरी दुनिया की ग्रोथ का मुख्य ड्राइवर है। IMF का अनुमान है कि 2026 में विश्व अर्थव्यवस्था कुल मिलाकर 3.1% बढ़ेगी, जबकि भारत में रफ्तार 7% रहेगी। 2027 में ग्लोबल ग्रोथ का अनुमान 3.4% है, जबकि भारत वहीं 7% के आस-पास बना रहेगा।
पिछले महीने ADB, OECD, S&P, और फिच जैसी दूसरी बड़ी एजेंसियों ने भी FY27 के लिए भारत के GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 7% के पास पहुंचा दिए। इसकी वजह जून तिमाही की शानदार परफॉर्मेंस और घरेलू डिमांड रही मिडिल ईस्ट में लड़ाई के बावजूद इकोनॉमी का माहौल पॉजिटिव रहा।
IMF ने जर्मनी और UK जैसी एडवांस्ड इकॉनमी के लिए ग्रोथ का अनुमान थोड़ा सुधारा है—जर्मनी में 2026 में अब 1.3% की ग्रोथ देखने को मिल सकती है, जो पहले सिर्फ 0.7% थी। UK भी अब 1.3% की दर से बढ़ेगा।
कुल मिलाकर, एडवांस्ड इकॉनमी के लिए 2026 में अब 2.1% की ग्रोथ का अंदाजा है, पहले ये आंकड़ा 1.7% था।
उधर, उभरते बाज़ार और डेवलपिंग इकॉनमी के लिए IMF ने अपना Outlook थोड़ा कमजोर किया है 2026 में 3.7% बढ़ने का अनुमान है, पहले ये 3.8% था। इसकी बड़ी वजह चीन, रूस, ब्राजील जैसी इकॉनोमी का धीमा या सिकुड़ता ग्रोथ रेट और मिडिल ईस्ट की कमजोर स्थितियां हैं, जो Emerging Markets के लिए Overall ग्रोथ का माहौल थोड़ा Challenging बना रही हैं।
फिर भी, भारत की मजबूती साफ दिख रही है दुनिया की कमजोर ग्रोथ के दौर में भारत अगले कुछ सालों तक ग्रोथ स्टोरी का केंद्र बना रहेगा।