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Blinkit-Zepto समेत क्विक कॉमर्स कंपनियों के लिए आ सकते हैं नए नियम, FSSAI कर रहा तैयारी

FSSAI क्विक कॉमर्स कंपनियों के लिए नए नियम लाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट, रिफंड पॉलिसी और शिकायत प्रक्रिया की जानकारी स्पष्ट करनी पड़ सकती है। खाद्य उत्पादों पर चेतावनी वाले लेबल भी प्रस्ताव में शामिल हैं।
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Oct 19, 2026
Quick Commerce Rules
क्विक कॉमर्स से जुड़े नए नियम आ सकते हैं। (PC: AI)

क्विक कॉमर्स से सामान मंगाने वाले ग्राहकों को जल्द ही उत्पादों से जुड़ी ज्यादा जानकारी मिल सकती है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) क्विक कॉमर्स कंपनियों के लिए नियमों में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित नियमों के तहत उत्पाद की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट के साथ रिफंड पॉलिसी और शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी साफ-साफ देनी पड़ सकती है। जी बिजनेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नए नियमों का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जल्द जारी हो सकता है। इससे क्विक कॉमर्स कंपनियां खाद्य सुरक्षा नियामक के निर्देशों के दायरे में आएंगी। हालांकि, अभी तक इन नियमों को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

प्रोडक्ट पर देनी होगी सारी जरूरी जानकारी

प्रस्तावित बदलावों का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन सामान खरीदने वाले ग्राहकों को उत्पाद की सही और पूरी जानकारी देना है। इसके तहत मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और सामग्री यानी इंग्रीडिएंट्स की जानकारी स्पष्ट रूप से दिखानी पड़ सकती है। इससे ग्राहकों को सामान खरीदने से पहले यह पता लगाने में आसानी होगी कि उत्पाद कब बना है और उसे कब तक इस्तेमाल किया जा सकता है। क्विक कॉमर्स कंपनियों को रिफंड पॉलिसी, शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया और दूसरी जरूरी शर्तों की जानकारी भी स्पष्ट रूप से देनी पड़ सकती है। इससे खराब या गलत सामान मिलने पर ग्राहकों को अपना पैसा वापस पाने या शिकायत दर्ज कराने में आसानी हो सकती है।

ज्यादा चीनी, नमक और फैट वाले उत्पादों पर चेतावनी

FSSAI के प्रस्तावित बदलावों में पैकेट के सामने चेतावनी वाले लेबल लगाने का मुद्दा भी शामिल है। इसमें रेड हेक्सागन वॉर्निंग जैसे संकेतों पर विचार किया जा रहा है। इसका मकसद उन खाद्य उत्पादों के बारे में ग्राहकों को पहले से सचेत करना है, जिनमें चीनी, नमक या फैट की मात्रा ज्यादा होती है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन बदलावों को एक ही चरण में लागू किया जा सकता है। हालांकि, चेतावनी वाले लेबल का अंतिम स्वरूप और नियम लागू होने की तारीख आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

नए साल से लागू हो सकते हैं नए नियम

रिपोर्ट के मुताबिक, ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी होने और जरूरी नियामकीय निर्देश आने के बाद नए नियमों को नए साल की शुरुआत से लागू किया जा सकता है। फिलहाल इसे संभावित समयसीमा के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। अगर ये बदलाव लागू होते हैं, तो क्विक कॉमर्स कंपनियों को अपने ऐप पर उत्पादों की जानकारी दिखाने के तरीके में बदलाव करना पड़ सकता है।

पांच साल में 7 गुना बढ़ सकता है क्विक कॉमर्स बाजार

भारत में क्विक कॉमर्स का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। गूगल और रेडसीयर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में यह बाजार करीब 13 अरब डॉलर का था। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2030-31 तक इसका आकार बढ़कर 90 अरब डॉलर हो सकता है।

Updated on:
19 Oct 2026 05:49 pm
Published on:
19 Oct 2026 05:47 pm