
नई दिल्ली: अप्रैल 2020 से bs6 नॉर्म्स लागू हो जाएंगे । इसलिए सरकार ने कई सारे नियम बनाए हैं। इन उत्सर्जन मानकों के लागू होते ही bs4 गाड़ियों पर बैन लग जाएगा । अब सरकार ने क्वाड्रिसाइकिल के लिए बीएस6 मापदंडों को 01 अप्रैल 2020 से अनिवार्य करने के लिए प्रस्ताव दिया है। जिसका मतलब ये है कि 1 अप्रैल के बाद मौजूदा बीएस4 क्वाड्रिसाइकिल का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया जा सकेगा। 4 पहियों वाली छोटी गाड़ियों को क्वैड्रिसाइकल कहते हैं।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नियम 115 में संशोधन करने के लिए अधिसूचना जारी की है। इसके तहत क्वाड्रिसाइकिल के लिए बीएस6 मांपदंडों को अनिवार्य करने का प्रस्ताव पेश किया गया है। इस पर अंतिम फैसला लेने से पहले लोगों से टिप्पणियां और सुझाव मंगा रही है।
ये है इन दोनों मानकों में अंतर-
बीएस4 इंजन की गाड़ियां बीएस6 इंजन की गाड़ियों के मुकाबले ज्यादा प्रदूषण फैलाती है। बीएस4 इंजन की गाड़ियों से निकलने वाला धुआं आंख और नाक में जलन, सिर दर्द और फेफड़ों में इन्फेक्शन पैदा करता है। बीएस-6 वाहनों में आधुनिक उत्सर्जन नियत्रंण प्रणाली लगी होती है। इससे डीजल वाहनों से 68 प्रतिशत और पेट्रोल कारों से 25 प्रतिशत तक नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन कम हो जाता है।
आपको मालूम हो कि भारत सरकार ने साल 2000 से बीएस उत्सर्जन मानक की शुरुआत की थी। भारत स्टेज यानि भारत स्टैंडर्ड मानदंड यूरोपीय नियमों पर आधारित है।