मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद से चालान के डर से ही सही लेकिन लोग संजीदगी से ट्रैफिक रूल्स फॉलो कर रहे हैं। यही वजह है कि puc जैसे पेपर के लिए भी लोग लाइन लगवाते नजर आ रहे हैं।
नई दिल्ली: नए मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद से पूरे देश से भारी-भरकम जुर्मानों की खबरे आ रही है। जहां कुछ राज्य जुर्माना कम करने की बात कर रहे हैं वहीं राजधानी की बात करें तो यहां अब लोगों में इस एक्ट का खौफ दिखने लगा है। जी हां लोग चालान न कटे इसके लिए न सिर्फ हेलमेट और सीटबेल्ट पहनने लगे हैं बल्कि पेपर्स रखने के भी अलग अलग इंतजाम कर रहे हैं। एक और डिपार्टमेंट है जहां इस एक्ट का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है।
दरअसल गाड़ी के कुछ जरूरी कागजात में से एक है पीयूसी यानि पॉल्यूशन टेस्ट। एक आंकड़े के मुताबिक नया कानून के पास होने के बाद दिल्ली में ही सिर्फ हर दिन 50 हजार वाहनों का पीयूसी हो रहा है।
दिल्ली मे बीते 15 दिनों में 4 लाख से ज्यादा पॉल्यूशन सर्टिफिकेट को जारी कर दिया गया है। इस बारे में बात करते हुए अधिकारियों ने बताया कि एक सितंबर से रोजाना औसतन 50 हजार गाड़ियों का पॉल्यूशन टेस्ट हुआ। इतना ही नहीं कई बार तो लोग छुट्टी वाले दिन भी पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनाने के लिए लाइनों में लगे नजर आते है।
पॉल्यूशन जांच में आपकी वाहन कितना धुआं छोड़ती है, कार्बन मोनोऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन और अन्य वायु पॉल्यूटेंट्स के इमिशन की जांच की जाती है। इससे यह पता चलता है कि वाहन इमिशन एंड पॉल्यूशन कंट्रोल मानकों का कितना पालन करती है।
नए कानून के मुताबिक सर्टिफिकेट नहीं होने पर 10 हजार रुपयें का भारी जुर्माना राशि देना पड़ता है। हालांकि पहले यह जुर्माना 1000 रुपयें और उसके बाद दो 2000 रुपयें किया गया था। लेकिन अब इसे बढ़ाकर 10 हजार कर दिया गया है। यही वजह है कि लोग अपने कागजात दुरूस्त करने लगे हैं।