राष्ट्रीय बागवानी मेला प्रदर्शनी, फलों की फसलों में एकीकृत कृषि प्रणाली, फलों के बगीचे, वर्षा जल संचयन, ड्रिप सिंचाई, नर्सरी, आम की कटाई के बाद देखभाल की किसानों को दी जानकारी।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा की पहल पर आईसीएआर- भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (आईआईएचआर) बेंगलूरु में झारखंड के किसानों के लिए एवोकैडो, शरीफा, कटहल, कमलम फल और इमली में बेहतर उत्पादन प्रौद्योगिकियों, कटाई के बाद प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम हुआ।
फसलों में उत्पादन प्रौद्योगिकियों और कटाई के बाद के प्रबंधन में प्रगति के बारे में किसानों के बीच जागरूकता के लिए 12 से 17 फरवरी तक रांची, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और गुमला के लगभग 59 किसानों ने शिरकत की।
अमरूद, जामुन और कटहल के व्यावसाय की दी जानकारी
कार्यक्रम का उद्घाटन आईसीएआर-आईआईएचआर, बेंगलूरु के निदेशक डॉ. प्रकाश पाटिल ने किया। किसानों को फलों, सब्जियों और फूलों की फसलों व प्रौद्योगिकियों से अवगत कराया गया। राष्ट्रीय बागवानी मेला प्रदर्शनी, फलों की फसलों में एकीकृत कृषि प्रणाली, उच्च घनत्व वाले फलों के बगीचे, वर्षा जल संचयन, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, फल फसलों की नर्सरी, कटहल, आम की कटाई आदि के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। अमरूद, जामुन और उनके उत्पाद के बारे में जानकारी, कटहल के व्यावसायिक अवसरों के बारे में व्याख्यान दिया गया।
उन्हें फल आनुवंशिक विविधता पार्क और बागवानी विज्ञान विश्वविद्यालय, बागलकोट में फलों और सब्जियों की कटाई, हैंडलिंग की जानकारी दी गई। सेंट्रल हॉर्टिकल्चरल एक्सपेरिमेंट स्टेशन, हीराहल्ली में ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो, कटहल, जामुन और इमली के उत्पादन, प्रसार और मूल्यवर्धन के बारे में बताया गया।