सागर क्षेत्र के मुख्य अभियंता ने खुद छतरपुर का रुख किया और छतरपुर सर्किल के अधिकारियों की एक आपात समीक्षा बैठक बुला ली। इस बैठक में मुख्य अभियंता का रुख बेहद सख्त रहा और उन्होंने लापरवाही बरतने वाले मैदानी अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
शहर में अघोषित बिजली कटौती, बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और खुले पड़े मौत के कुएं बने ट्रांसफार्मरों व डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स की समस्या को लेकर समाचार पत्रों द्वारा लगातार खबरें प्रकाशित की गई थीं। इन जनहित की खबरों को बेहद गंभीरता से लेते हुए बिजली कंपनी के उच्च अधिकारी अंततः एक्शन मोड में आ गए हैं। पत्रिका में छपी खबरों का ऐसा दमदार असर हुआ कि सागर क्षेत्र के मुख्य अभियंता ने खुद छतरपुर का रुख किया और छतरपुर सर्किल के अधिकारियों की एक आपात समीक्षा बैठक बुला ली। इस बैठक में मुख्य अभियंता का रुख बेहद सख्त रहा और उन्होंने लापरवाही बरतने वाले मैदानी अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
बैठक के दौरान मुख्य अभियंता तब सबसे ज्यादा नाराज दिखे जब शहर में खुले पड़े डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स और असुरक्षित ट्रांसफार्मरों का मुद्दा सामने आया। उन्होंने अधिकारियों को दोटूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि शहर में कहीं भी खुले डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स दिखाई नहीं देने चाहिए, इन्हें तत्काल बंद कराया जाए। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के इस मौसम में खुले पड़े ये बॉक्स किसी बड़े हादसे को आमंत्रण दे रहे हैं, इसलिए सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बिजली लाइनों के नियमित मेंटेनेंस के निर्देश दिए ताकि ट्रिपिंग की समस्या को जल्द से जल्द न्यूनतम किया जा सके।
मुख्य अभियंता ने बैठक में स्पष्ट किया कि इस भीषण गर्मी में बिना किसी पूर्व सूचना के होने वाली अघोषित बिजली कटौती को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संभागीय कार्यालय छतरपुर एवं बिजावर के साथ-साथ बिजावर वितरण केंद्र का औचक निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं में मिली कमियों को देखकर उन्होंने अधिकारियों की क्लास ली और आवश्यक सुधार के कड़े निर्देश दिए। इसके अलावा उपकेंद्र पावर हाउस छतरपुर का बारीकी से निरीक्षण करते हुए उन्होंने परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने, समस्त रजिस्टरों को व्यवस्थित रूप से संधारित करने तथा ड्यूटी पर तैनात तकनीकी स्टाफ को सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की हिदायत दी।
विद्युत आपूर्ति में सुधार के साथ-साथ मुख्य अभियंता ने कंपनी के राजस्व पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेवेन्यू पैरामीटर के अंतर्गत कैश डिमांड की शत-प्रतिशत वसूली की जाए। जिन बकायेदारों की बिल राशि कई महीनों से लंबित है, उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने अंत में कहा कि उपभोक्ता की शिकायतों का समय-सीमा के भीतर निराकरण करना क्षेत्र के कनिष्ठ और सहायक अभियंताओं की सीधी जिम्मेदारी होगी। यदि इसके बाद भी अघोषित कटौती या लापरवाही की शिकायतें सामने आईं, तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।