छतरपुर

शहरी अमृत 2.0 योजना के कामों में भारी देरी, बारीगढ़, बिजावर- सटई में इंटेकवेल और फिल्टर प्लांट निर्माण अधूरा

जिले में शहरी अमृत 2.0 योजना के तहत किए जा रहे जल आपूर्ति कार्यों की गति बेहद धीमी है। इसी वजह से कई नगरों के काम लगातार पिछड़ रहे हैं। नल जल योजना के तहत अब तक केवल बकस्वाहा नगर परिषद का प्रोजेक्ट पूरा हुआ है। महाराजपुर, गढ़ीमलहरा, बिजावर, बारीगढ़ और सटई नगर परिषदों में […]

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Jan 23, 2026
पाइप लाइन बिछाते हुए

जिले में शहरी अमृत 2.0 योजना के तहत किए जा रहे जल आपूर्ति कार्यों की गति बेहद धीमी है। इसी वजह से कई नगरों के काम लगातार पिछड़ रहे हैं। नल जल योजना के तहत अब तक केवल बकस्वाहा नगर परिषद का प्रोजेक्ट पूरा हुआ है। महाराजपुर, गढ़ीमलहरा, बिजावर, बारीगढ़ और सटई नगर परिषदों में काम अधूरा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन नगरों में शहरी अमृत 2.0 के तहत किए जाने वाले कार्यों को पूरा होने में तीन साल या उससे अधिक का समय लग सकता है।

बारीगढ़ में इंटेकवेल निर्माण में बाधा

बारीगढ़ नगर परिषद में 20 करोड़ रुपए की लागत से किए जा रहे अमृत 2.0 प्रोजेक्ट में केल नदी पर इंटेकवेल का निर्माण प्रस्तावित है। लेकिन वन विभाग ने अभी तक निर्माण की औपचारिक अनुमति नहीं दी है। केलापुराव रोड पर फिल्टर प्लांट और वार्ड नंबर 8 व 15 में टंकियों का निर्माण भी शुरू नहीं हुआ है। एमपीयूडीसी के अधिकारी और कर्मचारी पिछले दो साल में केवल पाइपलाइन डाल पाए हैं, जो अभी भी अधूरी है और नगर की सडक़ों की स्थिति खराब होने के कारण कई इलाकों में आवागमन प्रभावित है।

बिजावर और सटई में अधूरे निर्माण कार्य

बिजावर और सटई नगर परिषदों में अब तक केवल पाइपलाइन बिछाई गई है। इन नगरों में इंटेकवेल, फिल्टर प्लांट, ओवरहेड टैंक और घरेलू नल कनेक्शन जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुए हैं। बिजावर नगर में तीन टंकियों और सटई में एक टंकी का निर्माण होना है, जो अभी अधूरा है। इन नगरों में पानी की सप्लाई धसान नदी से की जानी है, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण कई क्षेत्र पानी की कमी का सामना कर रहे हैं।

छतरपुर में पांच टंकियों का निर्माण रुका

छतरपुर नगर पालिका के अंतर्गत शहर में पांच टंकियों का निर्माण भी अब तक शुरू नहीं हो पाया है। यह योजना 2022 में स्वीकृत हुई थी और 2023 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन स्थान निर्धारण, डीपीआर और टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण काम अभी अटका हुआ है। उपयंत्री अंकित अरजरिया ने बताया कि पांच टंकियों के निर्माण के लिए मिट्टी परीक्षण हो चुका है और ड्रॉइंग विभाग को भेज दी गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठेकेदार को वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है।

अनुमति प्रक्रिया में देरी और कार्यों की स्थिति

केल नदी पर इंटेकवेल निर्माण के लिए वन विभाग से औपचारिक अनुमति मिलने का इंतजार है। बिजावर और सटई नगर में इंटेकवेल और फिल्टर प्लांट का कार्य बरखेड़ा गांव के पास धसान नदी पर शुरू होने वाला है। एमपीयूडीसी के प्रोजेक्ट मैनेजर पीडी तिवारी ने बताया कि सभी प्रक्रियाएं चल रही हैं और जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि नगर परिषदों और विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय बेहतर होने से आने वाले समय में कामों में तेजी आने की संभावना है।

Updated on:
23 Jan 2026 10:48 am
Published on:
23 Jan 2026 10:47 am
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