चित्तौड़गढ़

चित्तौड़गढ़ में सवा दो साल में 4151 महिलाओं ने घर छोड़ा, नाता-प्रथा व घरेलू कलह बनी बड़ी वजह

Nata Pratha Rajasthan: बदलते दौर में जरा सी बात क्या खली, लोग हंसते-खेलते परिवार को छोड़ कर निकल जाते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 4,151 केवल महिलाएं हैं। घर छोड़कर जाने वाली महिलाओं में अधिकांश मामले नाता-प्रथा, पति, सास से अनबन और घरेलू विवाद के हैं। लापता 546 महिलाओं को अब भी पुलिस तलाश रही है।

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चित्तौड़गढ़ में सवा दो साल में 4151 महिलाओं ने घर छोड़ा, पत्रिका फोटो

Nata Pratha Rajasthan: बदलते दौर में जरा सी बात क्या खली, लोग हंसते-खेलते परिवार को छोड़ कर निकल जाते हैं। चित्तौड़गढ़ जिले में इन दिनों पारिवारिक और घरेलू विवादों के कारण घर छोड़ने के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। पुलिस विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 से लेकर अप्रेल 2026 तक यानी सवा दो साल में जिले के विभिन्न थानों में गुमशुदगी के कुल 5,239 मामले दर्ज किए गए।

चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 4,151 केवल महिलाएं हैं। घर छोड़कर जाने वाली महिलाओं में अधिकांश मामले नाता-प्रथा, पति, सास से अनबन और घरेलू विवाद के हैं। लापता 546 महिलाओं को अब भी पुलिस तलाश रही है।

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नाता-प्रथा और प्रेम प्रसंग मुख्य कारण

पुलिस अनुसंधान में सामने आया है कि इन मामलों के पीछे 'नाता-प्रथा' एक बड़ा कारण है, जिसे आज के लिव-इन रिलेशनशिप का पारंपरिक रूप माना जा सकता है। राजस्थान और पड़ोसी राज्यों के ग्रामीण व आदिवासी अंचलों में प्रचलित इस प्रथा के तहत महिलाएं बिना किसी औपचारिक विवाह या कानूनी तलाक के,अपनी मर्जी से पहले पति को छोड़कर दूसरे पुरुष के साथ रहने लगती हैं। ऐसी स्थिति में ससुराल पक्ष थाने में गुमशुदगी दर्ज करवा देता है। इसके अलावा 20 से 40 वर्ष के वयस्कों में प्रेम प्रसंग और गृहक्लेश भी घर छोड़ने की मुख्य वजह बन रहे हैं।

चार महीनों में 414 नए मामले, 743 की तलाश जारी

अगर चालू वर्ष 2026 के रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो 1 जनवरी से 30 अप्रेल तक जिले में 414 वयस्कों की गुमशुदगी के नए प्रकरण दर्ज हुए हैं। पिछले वर्षों के लंबित 723 मामलों को मिलाकर कुल लापता वयस्कों की संख्या 1,137 पहुंच गई। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी से 394 लोगों को दस्तयाब (बरामद) कर लिया गया है, लेकिन अब भी 743 लोग लापता हैं, जिनमें 546 महिलाएं शामिल हैं।

सवा दो साल का लेखा-जोखा

वर्षपूर्व के लंबित मामलेइस वर्ष दर्ज मामलेकुल मामलेदस्तयाब (मिले)शेष लापता
2024988108720751171904
2025904112320271304723
2026 (अप्रैल तक)7234141137394743

लापता लोगों की तलाश पहली प्रा​थमिकता

गुमशुदगी के मामलों को लेकर पुलिस पूरी तरह गंभीर है। हर महीने थानों की समीक्षा बैठक में लापता लोगों की तलाश के लिए विशेष निर्देश दिए जाते हैं। पुलिस थानों के साथ-साथ एसपी कार्यालय की स्पेशल टीम भी सक्रियता से काम कर रही है। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द इन पेंडिंग मामलों का ग्राफ शून्य पर लाया जा सके।

  • मनीष त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक, चित्तौड़गढ़

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