19 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चित्तौड़गढ़ में पेट्रोल-डीजल संकट से राशनिंग शुरू, पंप संचालकों ने खुद तय की लिमिट

Fuel Rationing Rajasthan: खाड़ी युद्ध की मार से ईंधन के भाव भी बढ़े तो अब चित्तौड़गढ़ में पंप संचालकों ने ग्राहकों को लिमिट में भी बांध दिया है। पंप संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मांग के अनुरूप डीजल व पेट्रोल की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस वजह से तेल की 'राशनिंग' करनी पड़ रही है।

3 min read
Google source verification
Chittorgarh Fuel Crisis

चित्तौड़गढ़ में पेट्रोल पंपों पर राशनिंग शुरू, पत्रिका फोटो

Fuel Rationing Rajasthan: खाड़ी युद्ध की मार से ईंधन के भाव भी बढ़े तो अब चित्तौड़गढ़ में पंप संचालकों ने ग्राहकों को लिमिट में भी बांध दिया है। इसकी खबर जिला रसद विभाग को नहीं है तो पेट्रोलियम कंपनी के सेल्स ऑफिसर भी जानकारी से इनकार कर रहे हैं। पंप संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मांग के अनुरूप डीजल व पेट्रोल की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस वजह से तेल की 'राशनिंग' करनी पड़ रही है।

शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के अधिकांश पंपों पर अब उपभोक्ताओं को जरूरत के मुताबिक नहीं, बल्कि संचालकों द्वारा तय सीमा के अनुसार ही डीजल-पेट्रोल मिल पा रहा है। इस अघोषित व्यवस्था के कारण पेट्रोल पंपों पर आए दिन उपभोक्ताओं और सेल्समैन की नोक-झोंक आम हो रही है। स्थिति यह है कि दो पहिया वाहनों को 300 तो कार को अधिकतम 1000 रुपए के पेट्रोल-डीजल में बांध दिया है।

वैश्विक संकट का घरेलू बाजार पर असर

खाड़ी देशों में युद्ध के असर के कारण घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल का संकट लगातार बढ़ रहा है। पंपों पर तेल की किल्लत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कतारों में खड़े वाहनों के लिए बाकायदा कोटा तय कर दिया गया है। लंबी दूरी का सफर तय करने वाले वाहन चालकों के लिए यह व्यवस्था मुसीबत का सबब बन गई है। नौकरीपेशा वर्ग, किसानों और व्यापारियों का कहना है कि कम तेल मिलने के कारण उन्हें बार-बार पेट्रोल पंपों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे उनका समय और काम दोनों प्रभावित हो रहे हैं। राजस्थान पत्रिका की टीम ने शहर और आस-पास के पेट्रोल पंपों पर जाकर जमीनी हालात जाने, जो इस प्रकार हैं

सबको मिले, इसलिए लगाई लिमिट

कुंभानगर रेलवे फाटक के निकट स्थित पेट्रोल पंप संचालक सत्यनारायण नंदवाना ने बताया कि मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो रही है, जबकि अचानक सेल (बिक्री) बढ़ गई है। सभी उपभोक्ताओं को पेट्रोल उपलब्ध हो सके, इसलिए बाइक-स्कूटर में 300 और कार में एक हजार रुपए की लिमिट तय की है।

शहर के सिटी पेट्रोल पंप के व्यवस्थापक गोपाल सिंह ने बताया कि पंप पर मांग के अनुसार आपूर्ति तो नहीं हो रही है, इसके बावजूद हमने कोई लिमिट तय नहीं की है। पहले मांगते ही पेट्रोल-डीजल का टैंकर मिल जाता था, लेकिन अब बहुत मुश्किल से गाड़ी आ रही है।

दूसरे पंप ड्राई होने से बढ़ा लोड

बूंदी रोड स्थित पेट्रोल पंप संचालक मोहनसिंह भाटी ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से बाइक में 150 और कार में 1000 रुपए की सीमा तय की गई है। पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने और आस-पास के कुछ पेट्रोल पंप 'ड्राई' (सूखे) हो जाने के कारण पंप पर लोड बढ़ जाता है, इसलिए लिमिट तय की गई है।

पेट्रोल पंप फैक्ट फाइल

ऑयल कंपनी का नामसंख्या
इंडियन ऑयल77
भारत पेट्रोलियम46
हिन्दुस्तान पेट्रोलियम38
निजी कम्पनी32

3-4 गाड़ी भी बामुश्किल मिल रही

गोपाल नगर स्थित पेट्रोल पंप के मैनेजर देवीलाल ने बताया कि पहले महीने में 5-6 गाडिय़ां (टैंकर) मिल जाती थी, लेकिन अब 3-4 भी मुश्किल से आ रही हैं। इसके कारण बाइक में 100, कार में 500 और ट्रैक्टर आदि में 1000 रुपए का ही डीजल-पेट्रोल भरा जा रहा है ताकि पंप ड्राई न हो।

मांग बढ़ी और आपूर्ति हुई कम

जिले में पेट्रोल पंपों पर मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पिछले साल के मुकाबले इस बार खपत भी बढ़ी है। कई जगह पेट्रोल पंप संचालकों ने जो लिमिट तय की है, उसका उद्देश्य केवल यह है कि पंप पूरी तरह बंद न हो और सभी को थोड़ा-बहुत डीजल-पेट्रोल मिलता रहे।
-कर्नल रणधीर सिंह, अध्यक्ष चित्तौड़गढ़ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन

विभाग ने कोई लिमिट तय नहीं की

रसद विभाग की ओर से पेट्रोल पंपों पर ईंधन वितरण को लेकर कोई लिमिट तय नहीं की गई है। यदि संचालक अपने स्तर पर ऐसा कर रहे हैं इसकी जानकारी नहीं है।

-हितेश जोशी, जिला रसद अधिकारी, चित्तौड़गढ़

बड़ी खबरें

View All

चित्तौड़गढ़

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग